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उन्नाव दुष्कर्म मामले में उठ रहे हैं ये सवाल, यूपी पुलिस ने कुछ इस तरह से दिए जवाब 

Mon, 29 Jul 2019 02:22 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार को इसी ट्रक ने मारी टक्कर - फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार दुर्घटना के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ट्रक के मालिक, चालक और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ही गाड़ियों की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक ट्रक चालक के मोबाइल की काल डिटेल निकलवा कर जांच की गई, जिसमें किसी साजिश जैसे बात नहीं दिखी है।

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वहीं, डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि अगर पीड़ित परिवार चाहेगा तो घटना की सीबीआई जांच के लिए सिफारिश करेंगे। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक ट्रक नंबर UP-71-AT-8300 का मालिक देवेंद्र किशोर पाल निवासी ललौली जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।

UP ADG - फोटो : ANI
वहीं ट्रक ड्राइवर आशीष कुमार पाल पुत्र सूरजपाल निवासी अट्टी समदपुर, ललौली जिला फतेहपुर व ट्रक क्लीनर मोहन श्रीवास पुत्र सरवण निवासी पैलानी जिला बांदा उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।

पुलिस को दिए बयान में ड्राइवर आशीष कुमार पाल ने बताया है कि बांदा में उसने रात 12 से 1 बजे के बीच 28 हजार रुपए से मौरंग खरीद कर ट्रक में भरी। जिसे रायबरेली में 37 हजार रुपए में सुबह करीब 10 बजे बेच दिया। 

जब वह खाली ट्रक लेकर 28 जुलाई को रायबरेली से फतेहपुर लौट रहा था, तो दोपहर 1 बजे के करीब विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार से हादसा हो गया दुर्घटना के समय तेज बारिश हो रही थी, जिससे ड्राइवर संतुलन नहीं बन सका, और कार से टकरा गया।

वहीं, ट्रक मालिक देवेंद्र पाल ने पुलिस को बयान दिया है कि वह समय पर किश्तों का भुगतान करने में असमर्थ था और बहुत बार फाइनेंसर उन्हें परेशान कर रहे थे। इस वजह से उसने ट्रक के सामने की साइड नंबर प्लेट पर कुछ ग्रीस पेंट कर दिया था।
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मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम - फोटो : ANI
इस बीच लखनऊ से एफएसएल फॉरेंसिक टीम के एक्सपर्ट डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. रविकांत शर्मा और डॉ. प्रतिभा देर शाम रायबरेली पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर, क्लीनर और मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।

इस पूरे मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि पीड़ित को दिल्ली में और उन्नाव जिले स्थित उनके गांव में करीब 9 सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं और वह वहां मौजूद भी हैं। यह लोग सुरक्षाकर्मियों को खुद साथ नहीं ले गए थे।

अभी पीड़ित पक्ष ने किसी तरह से कोई शिकायत नहीं की है। उनसे कहा गया है कि वह जल्द लिखित शिकायते दें। पूरे मामले की गहनता से विवेचना की जा रही है और उसी के अनुसार हर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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