बिजली उपभोक्ताओं को रीडिंग आधारित बिल उपलब्ध कराने में लापरवाही पर दो बिलिंग एजेंसियों पर 84.77 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। यह पेनल्टी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने लगाई है। अयोध्या, देवीपाटन तथा राजधानी लखनऊ केलेसा में बिलिंग का काम करने वाली चंडीगढ़ की बिलिंग एजेंसी कांपीटेंट सिनर्जीज प्राइवेट लि. पर 72,72,696 रुपये तथा लखनऊ व बरेली क्षेत्र में बिलिंग का काम संभालने वाली विशाखापत्तनम की एजेंसी फ्लूएंट ग्रिड लि. पर 12,04,241 रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य-द्वितीय) विपिन जैन ने आदेश जारी करके दोनों एजेंसियों के बिलों से पेनल्टी की धनराशि की कटौती करने को कहा है।
ऊर्जा मंत्री व पावर कार्पोरेशन प्रबंधन की तमाम कोशिशों के बावजूद बिलिंग एजेंसियां शत प्रतिशत उपभोक्ताओं को रीडिंग आधारित बिल उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। बिलिंग से संबंधित कार्यकलापों में लापरवाही पर बिजली कंपनियां अब सख्त हो गई हैं क्योंकि इससे उन्हें राजस्व का नुकसान हो रहा है और घाटा भी बढ़ता जा रहा है। बिलिंग एजेंसियों पर शिकंजा कसने के लिए बिजली कंपनियों ने उनके साथ किए गए अनुबंध की धारा 3 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने का फैसला किया है जिसके तहत अनुबंध की शर्तें पूरी न होने पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। इसी प्रावधान के तहत दोनों कंपनियों पर पेनल्टी लगाई गई है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बिलिंग एजेंसियों पर पेनल्टी लगाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिलिंग का जिम्मा संभाल रही एजेंसियां अपेक्षित नतीजे नहीं दे पा रही हैं। बिजली कंपनियों को इनकी निगरानी बढ़ानी चाहिए जिससे उपभोक्ताओं को समय से सही बिल मिले।