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UP News: पॉक्सो तथा महिला उत्पीड़न के लंबित मामलों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर

Sat, 08 Jul 2023 03:44 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मुख्य सचिव ने शनिवार को पॉक्सो, महिला उत्पीड़न, सीसीटीएनएस और आईटी सिस्टम की समीक्षा की और महिला एवं बालिका से संबंधित प्रकरणों को निस्तारित करने लिए आगामी 15 जुलाई से 31 जुलाई, 2023 तक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने पॉक्सो, महिला उत्पीड़न, सीसीटीएनएस तथा आईटी सिस्टम के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि महिला एवं बालिका से जुड़े अपराध से संबंधित प्रकरणों को शीर्ष प्राथमिकता पर निस्तारित करने लिए आगामी 15 जुलाई से 31 जुलाई, 2023 तक विशेष अभियान चलाया जाए।

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पॉक्सो एक्ट एवं महिला संबंधी अपराधों में जल्द से जल्द चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर मुकदमे की प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाई जाए। पॉक्सो एक्ट के मामलों में दो माह के भीतर कार्रवाई पूरी की जाये। प्रकरणों को तेजी से निस्तारित कराने के लिए विवेचना अधिकारी के साथ साप्ताहिक समीक्षा की जाये। ऐसे अपराधों में जल्द कार्रवाई होने से अपराध में कमी आएगी और पुलिस के प्रति लोगों का इकबाल भी बढ़ेगा।

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उन्होंने कहा कि पॉक्सो अधिनियम से सम्बन्धित मामलों में प्रत्येक जनपद द्वारा प्रतिमाह कम से कम एक मामले में सजा दिलाई जाए। ऐसे मामले जिनमें मुल्जिमों व गवाहों की संख्या कम हो एवं वैज्ञानिक साक्ष्य मजबूत हों, को चिन्हित कर शीघ्रता से निस्तारित कराया जाए। पाक्सो अधिनियम से सम्बन्धित मामलों के निस्तारण में निम्नतम प्रदर्शन करने वाले जनपदों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया जाये।

बैठक में बताया गया कि 6 जुलाई, 2023 तक के आंकड़ों के अनुसार दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत लम्बित मामलों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश 97.80 प्रतिशत के साथ देश में द्वितीय स्थान पर है। इन मामलों में दो माह से अधिक समय तक जांच लंबित होने के मामलों में 0.30 प्रतिशत के साथ उत्तर प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। इसी प्रकार दर्ज एफआईआर में दो माह के भीतर जांच प्रक्रिया पूरी करने में 73.10 प्रतिशत के साथ उत्तर प्रदेश का पांचवा स्थान है।

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