प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों की सड़कों का कायाकल्प होगा। इसके लिए सीएम सड़क सुधार योजना के बजट में ढाई सौ गुना की वृद्धि की गई है। नव सृजित और उच्चीकृत नगर निकायों के लिए जहां बजट बढ़ाया गया है, वहीं पिछड़े शहरों के लिए विकास के लिए अगले वित्त वर्ष में आकांक्षी नगर योजना प्रारंभ होगी।
नगर विकास विभाग के विभिन्न मदों में बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। नव सृजित नगर निकायों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए वर्ष 2022-23 में 366 करोड़ रुपये दिए गए थे, जिसे अगले वित्त वर्ष में बढ़ाकर 405 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी तरह से उच्चीकृत नगर निकायों में अवस्थापना सुविधा के विकास के लिए बजट 183 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 202 करोड़ रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित व मलिन बस्ती योजना का बजट वर्ष 2022-23 में 215 करोड़ रुपये है, जिसे वर्ष 2023-24 में बढ़ाकर 335 करोड़ रुपये कर दिया गया है। शहरों में गौशालाओं के बेहतर प्रबंध केलिए बजट को 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 170 करोड़ रुपये किया गया है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सड़क सुधार योजना का बजट चालू वित्त वर्ष में मात्र दो करोड़ रुपये है, लेकिन अगले वित्त वर्ष में इस योजना में 500 करोड़ रुपये बजट प्रावधान किया गया है।
धार्मिक व एतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नगर निकायों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए अगले वित्त वर्ष में नई योजना प्रारंभ होगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। अगले वित्त वर्ष में विकास के मानकों पर अपेक्षाकृत पिछड़े शहरों के लिए आकांक्षी नगर योजना प्रारंभ की जाएगी। इसके तहत सड़क, नाली, पानी निकासी और अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अमृत योजना का बजट 2000 करोड़ रुपये से 5616 करोड़ रुपये और स्वच्छ भारत मिशन का बजट 1359 करोड़ रुपये से 2707 करोड़ रुपये किया गया है। अगर नगर विकास विभाग के कुल बजट पर नजर डालें तो चालू वित्त वर्ष में 22635 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है, जबकि अगले वित्त वर्ष के लिए 25347 करोड़ रुपये का प्रावधान है।