स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर ही नहीं दूसरे संवर्ग के स्थानांतरण में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ रही है। कई डॉक्टरों को प्रमोशन सूची में लेवल 2 से लेवल वन में कर दिया गया है। इसी तरह पैरामेडिकल, नर्सिंग सहित अन्य संवर्ग में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। महानिदेशालय में स्थानांतरण संबंधी शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के स्थानांतरण में हुई लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रतापगढ़ में कार्यरत डॉ. राजेंद्र कुमार त्रिपाठी लेवल-2 में हैं। 16 जुलाई 2021 को इन्हें रायबरेली से प्रतापगढ़ भेजा गया। इस बार इन्हें लेवल-एक में दिखाते हुए प्रतापगढ़ से रायबरेली स्थानांतरित कर दिया गया है। अब वह इस गलती को सुधरवाने के लिए निदेशालय का चक्कर काट रहे हैं। इस तरह की करीब 10 शिकायतें आई हैं।
इसी तरह आजमगढ़ में कार्यरत डेंटल सर्जन डॉ. शिव आरती ने बताया कि उनका तबादला चंदौली कर दिया गया है। ऐसे में उनके छह और आठ साल से बच्चे की पढ़ाई छूट जाएगी और उनके वृद्ध ससुर का इलाज प्रभावित होगा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में कार्यरत डॉ. ऊषा शुक्ला ने लिखा है उनके पति डॉ. पारितोष जिला अस्पताल इटावा में कार्यरत हैं। उन्हें गैर जनपद स्थानांतरित कर दिया गया है। यह दंपती नियमों के खिलाफ है। इसी तरह अन्य डॉक्टरों व उनके परिजनों ने नियमों के विपरीत स्थानांतरण करने का आरोप लगाया है और स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की है।
दिव्यांग नीति का भी उल्लंघन
फार्मासिस्ट संवर्ग में जौनपुर के केशव प्रसाद यादव का स्थानांतरण राजकीय अस्पताल भदोही कर दिया गया है, जबकि इस नाम से कोई अस्पताल है ही नहीं। इसी तरह फार्मासिस्ट अशोक कुमार की पत्नी और बुद्धिमान विश्वकर्मा का बेटा दिव्यांग हैं। इसके बाद भी इन्हें स्थानांतरित कर दिया गया है।