राज्य में मूल रूप से एसीएस स्केल (पे बैंड-17) के 16 पद हैं। 1988 और 1989 बैच के आईएएस अफसरों के प्रमोशन से पहले इसमें 20 अतिरिक्त पद जुड़ जाने से कुल स्वीकृत पदों की संख्या 36 हो गई।
उत्तर प्रदेश में अपर मुख्य सचिव (एसीएस) के स्वीकृत कई अतिरिक्त पद सरेंडर किए जाने की तैयारी है। 1990 बैच के आईएएस अफसरों की पदोन्नति के बाद यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 2020 में एसीएस के पद पर प्रमोशन से पहले 20 अतिरिक्त पदों के लिए वित्त विभाग से मंजूरी ली गई थी।
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राज्य में मूल रूप से एसीएस स्केल (पे बैंड-17) के 16 पद हैं। 1988 और 1989 बैच के आईएएस अफसरों के प्रमोशन से पहले इसमें 20 अतिरिक्त पद जुड़ जाने से कुल स्वीकृत पदों की संख्या 36 हो गई। इस साल अगस्त 2022 तक इस ग्रेड के 9 अधिकारी रिटायर हो चुके हैं, जबकि आलोक टंडन और डिंपल वर्मा 30 सितंबर और राजन शुक्ला 30 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। इस तरह से जनवरी-2023 में एसीएस स्तर के 24 अधिकारी होंगे। यानी, तब 36 स्वीकृत पदों में से 12 पद रिक्त होंगे।
वहीं, 1990 बैच के 10 आईएएस अधिकारी अपर मुख्य सचिव के पद पर प्रमोशन की कतार में हैं। ये अधिकारी हैं- नितिन रमेश गोकर्ण, हिमांशु कुमार, कल्पना अवस्थी, रजनीश गुप्ता, दीपक कुमार, जितेंद्र कुमार, सुधीर एम बोबड़े, अनीता सिंह, अर्चना अग्रवाल और सुधीर गर्ग। अर्चना अग्रवाल केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं। शेष 9 अधिकारी यूपी में ही हैं। शासन के सूत्रों के मुताबिक, इन 10 अधिकारियों को एसीएस स्केल देने के बाद दो पद रिक्त बचेंगे। इसके साथ ही 2023 में सेवानिवृत्ति और वीआरएस लेने के चलते एसीएस स्केल के 11 पद और रिक्त हो जाएंगे। इस तरह से अपर मुख्य सचिव स्तर के कुल 13 पद अगले साल सरेंडर किए जा सकते हैं।