पिछले तीन महीने से वेतन न मिलने से परेशान बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) के अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए आईसीडीएस निदेशालय ने रक्षाबंधन के पहले वेतन जारी कर दिए हैं। बुधवार को प्रदेश के 1.88 लाख से अधिक आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को जून और जुलाई का वेतन सीधे उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ), बाल विकास कार्यक्रम अधिकारियों (सीडीपीओ) और सुपरवाइजरों को वेतन देने के लिए डीपीओ को फंड उपलब्ध कराए गए हैं।
गौरतलब है कि आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के अलावा डीपीओ, सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला था। इससे कार्मिकों में भारी नाराजगी थी। इसी बीच आईसीडीएस के कार्यवाहक निदेशक की जिम्मेदारी कपिल सिंह को दी गई तो इस मुद्दे को उनके सामने उठाया गया था। इस पर उन्होंने अपर निदेशक वित्त को तीन दिन के भीतर जहां सभी कर्मियों को वेतन देने के निर्देश दिए थे, वहीं तीन महीने से वेतन रोके रखने को लेकर जवाब-तलब भी किया गया था। निदेशक ने त्योहार के पहले बकाया वेतन जारी करने को कहा था।
निदेशक आईसीडीएस की सख्ती के बाद अपर निदेशक वित्त ने सभी आईसीडीएस कर्मियों का वेतन जारी कर दिया गया है। आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का दो माह का वेतन उनके खाते में भेजा गया है। जबकि मई का वेतन रक्षाबंधन के दिन अवकाश होने के बाद भी कार्यालय खोलकर जारी करने को कहा गया है। इसी प्रकार निदेशक ने सभी जिलों में वेतन के लिए फंड उपलब्ध कराने के बाद डीपीओ को निर्देश दिए हैं कि हर हाल में डीपीओ, सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को वेतन का उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।