‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) की तर्ज पर सरकार द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोस्तसाहित करने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई ‘एक जिला, एक खेल’ (ओडीओएस) योजना में शामिल किए गए 10 जिलों के खेल में बदलाव कर दिया गया है। यह बदलाव केन्द्र की सहमति के बाद किया गया है। इन जिलों में आधुनिक खेलों के स्थान पर कुश्ती आदि जैसे पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है।
अपर मुख्य सचिव खेल डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि जिन 10 जिलों के खेल बदले गए हैंए उनमें मथुरा में जूडो की जगह कुश्ती, बलिया, आंबेडकर नगर, कानपुर देहात एवं फतेहपुर में बैडमिंटन की जगह एथलेटिक्स, बहराइच में बैडमिंटन की जगह फुटबाल, श्रावस्ती में बैडमिंटन की जगह कबड्डी, झांसी, गोंडा एवं लखीमपुर खीरी में बैडमिंटन की जगह हॉकी को एक जिला एक खेल घोषित किया गया है। अब इसके आधार पर ही इन 10 जिलों में खिलाड़ियों केचयन और उन्हें प्रशिक्षत करने का काम शुरू कर दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव ने इसी प्रकार 8 जिलों के लिए खेल का निर्धारण होना बाकी है। जिसे भी जल्द तय कर दिया जाएगा। इस प्रकार ओडीओएस योजना में 67 जिलों के लिए खेल का निर्धारण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रदेश के खेल प्रतिभा को निखारने के लिए खेल यूनिवर्सल नियम ‘कैच डेम यंग’ के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में लोकप्रिय खेल से जुड़ी प्रतिभाओं की सही उम्र में पहचान कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
ओडीओएस योजना में शामिल जिलेवार खेल
कुश्ती-वाराणसी, गोरखपुर, चंदौली, बागपत, आजगमढ़, देवरिया व महराजगंज
एथलेटिक्स- मैनपुरी, फिरोजाबाद, जौनपुर, भदोही, संभल, सीतापुर, कासगंज, उन्नाव, अयोध्या, कौशाम्बी, एटा, अमेठी, रामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, चित्रकूट, बस्ती, हमीरपुर, हापुड़, मेरठ, गाजीपुर, शामली. बलिया और मुजफ्फरनगर
हॉकी- प्रतापगढ़, मऊ, बरेली, लखनऊ, रायबरेली, हरदोई, फर्रुखाबाद, मुरादाबाद, बलरामपुर, इटावा और गाजियाबाद
टेबिल टेनिस- आगरा, कानपुर
बैडमिंटन: अलीगढ़ और गौतमबुद्ध नगर
भारोत्तोलन- मिर्जापुर और बिजनौर
बॉक्सिंग- बुलंदशहर और कुशीनगर
तीरंदाजी-सोनभद्र और ललितपुर
फुटबाल- हाथरस
तैराकी-पीलीभीत
शूटिंग-बांदा
कबड्डी-कन्नौज
लॉन टेनिस-प्रयागराज