सपा और बसपा तो मुस्लिम वोटों पर दांव लगाती रही हैं, पर अब भाजपा ने भी मुस्लिम वोटों (खास तौर पर पसमांदा मुस्लिमों) को जोड़ना शुरू कर दिया है। इससे बसपाई खेमे में हलचल मची है। इसको लेकर बसपा सुप्रीमो ने ट्वीट के जरिए भाजपा पर निशाना भी साधा था।
पसमांदा मुस्लिमों पर भाजपा के ध्यान केंद्रित करने से परेशान हुई बसपा अब इन्हें भी नए सिरे से अपने साथ जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ने सभी कोऑर्डिनेटरों को इसका लक्ष्य दिया है। वह खुद भी इसकी समीक्षा करेंगी कि किस कोआर्डिनेटर ने लक्ष्य पर कितना काम किया।
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सपा और बसपा तो मुस्लिम वोटों पर दांव लगाती रही हैं, पर अब भाजपा ने भी मुस्लिम वोटों (खास तौर पर पसमांदा मुस्लिमों) को जोड़ना शुरू कर दिया है। इससे बसपाई खेमे में हलचल मची है। इसको लेकर बसपा सुप्रीमो ने ट्वीट के जरिए भाजपा पर निशाना भी साधा था। अब चूंकि सभी दल निकाय चुनाव की तैयारी कर रहे हैं तो बसपा को लग रहा है कि इस समाज को फिर से पार्टी के साथ जोड़ा जाए।
ऐसे में बसपा सुप्रीमो ने सभी मंडल कोऑर्डिनेटरों को इस बाबत खास जिम्मेदारी दी है। उनसे कहा है कि अपने-अपने क्षेत्र में सभी कोऑर्डिनेटर इसके लिए अभियान चलाएं और मुस्लिम पसमांदा समाज को साथ जोड़ें। उन्होंने कहा कि यह भी देखा जाएगा कि किसने कितने लोगों को जोड़ा। विशेष तौर पर दूसरे दलों के पदाधिकारियों को बसपा से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाए।