इकतरफा प्यार में पर्यटन विभाग की महिला चपरासी की दफ्तर में घुसकर पेट्रोल छिड़कने के बाद आग लगाकर हत्या करने वाले मो. समीर को कोर्ट ने दोषी ठहराया है।
एडीजे ने दोषी को आजीवन कारावास और 75 हजार के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। जुर्माने की आधी रकम को मृतका के वरिसानों को देने का आदेश दिया है।
सरकारी वकील दुष्यंत मिश्रा और अरुण पांडे ने बताया कि मामले की रिपोर्ट 15 फरवरी 2019 वादी दनियाल खान ने गोमतीनगर नगर थाने पर दर्ज कराई थी।
इसमें बताया था कि वादी की मां सुहैला खान पर्यटन विभाग में चपरासी थी। मो. समीर सुहैला से इकतरफा प्यार करता था।
इसमें नाकाम रहने पर 15 फरवरी 2019 को पर्यटन विभाग के कार्यालय में घुसकर सुहैला पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। इलाज के दौरान सुहैला की मौत हो गई थी।