शपथ ग्रहण समारोह के कारण शहरी इलाके में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था, जिसके कारण करीब 600 भारी वाहन आगरा एक्सप्रेस वे पर रोक दिए गए थे। समारोह के बाद वापसी के समय जब वाहनों का दबाव बना तो एक्सप्रेस वे भी जाम हो गया। जाम की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और यूपीडा के सुरक्षाकर्मियों ने आनन-फानन वाहनों को निकालना शुरू किया जिसके बाद करीब डेढ़ घंटे बाद स्थिति नियंत्रित हो सकी।
शुक्रवार के समारोह में लोग आसानी से पहुंच सके। इसके लिए शहरी इलाके के प्रवेश प्वाइंट पर भारी वाहनों को रोक दिया गया था। इसी कड़ी में आगरा एक्सप्रेस वे से आने वाले वाहनों को भी रोका गया। यह वाहन देर रात 10 बजे तक रुके रहे। इसी बीच शाम को करीब 6 बजे के बाद समारोह समाप्त हुआ तो लोगों का जाना शुरू हो गया। जिसके कारण आगरा एक्सप्रेस वे पर वाहनों का दबाव ज्यादा हो गया।
वहीं एक्सप्रेस वे के प्रवेश प्वाइंट, अवध चौराहा की तरफ आने वाले नहर रोड व मोहान रोड पर जाम लगना शुरू हुआ तो शहर के अंदर तक वाहनों की लंबी लाइने लग गई। आगरा एक्सप्रेस वे पर जाम की सूचना मिलते ही एसीपी काकोरी आशुतोष कुमार, इंस्पेक्टर काकोरी व यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी राजेश सिंह अपनी टीम केसाथ पहुंचे। इसके बाद एक-एक कर वाहनों को निकालना शुरू किया गया। यह सिलसिला रात करीब 10 बजे तक चलता रहा।
करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य हो सका। इससे आगरा, मैनपुरी, फ र्रुखाबाद, एटा, शिकोहाबाद, मथुरा, अलीगढ़ आदि जिलों के लिए वापसी करने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।
यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी राजेश सिंह के मुताबिक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी थी। जिसके कारण सुबह से ही करीब 600 से 700 भारी वाहन एक्सप्रेस वे के सर्विस ले और किनारे खड़े हो गये। देर शाम को वाहनों का दबाव ज्यादा था। जिसके कारण दिक्कतें हुई। पुलिस की मदद से जल्द ही यातायात सुचारू किया गया।