सभी पुलिस कमिश्नर, जोन के एडीजी, रेंज केआईजी और डीआईजी और जिलों के एसएसपी व एसपी को पत्र भेजकर कहा है कि अपराधिक घटनाओं की एफआईआर जल्द से जल्द की जाए। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गम्भीर, सनसनीखेज घटनाओं के घटनास्थल का निरीक्षण किया जाए।
प्रदेश के नए डीजीपी मुकुल गोयल ने अफसरों को भेजे गए पहले सर्कुलर में अपनी अपेक्षाओं से जिलों के कप्तानों और वरिष्ठ अधिकारियों को रूबरू कराया है। मुकुल गोयल ने कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर देने और सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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सभी पुलिस कमिश्नर, जोन के एडीजी, रेंज केआईजी और डीआईजी और जिलों के एसएसपी व एसपी को पत्र भेजकर कहा है कि अपराधिक घटनाओं की एफआईआर जल्द से जल्द की जाए। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गम्भीर, सनसनीखेज घटनाओं के घटनास्थल का निरीक्षण किया जाए, विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्य पर बल दिया जाए और अदालत में प्रभावी पैरवी की जाए। वरिष्ठ अधिकारी खुद अपराधों की समीक्षा करें। उन्होंने साइबर क्राइम से निपटने के लिए अपराधियों पर वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग करते हुए कार्रवाई के साथ जनमानस को जागरुक करने पर भी जोर दिया। मुकुल गोयल ने आने वाले त्यौहारों को लेकर भी तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने पत्र में कहा है कि सोशल मीडिया सेल को और अधिक सक्रिय रखते हुये सभी सोशल मीडिया माध्यमों कीसघन निगरानी की जाए। ऐसे सभी पोस्ट जो किसी भी प्रकार के सामाजिक एवं धार्मिक विद्वेष पैदा करते हों, उन पर तत्काल कार्यवाई की जाए। डीजीपी ने कहा है कि अफसर कार्यालय में बैठक लोगों की समस्याओं को सुनें और उनका त्वरित निस्तारण करें। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ को सक्रिय कर उनकी हर महीने बैठक की जाए। बीट पुलिसिंग को और बेहतर करने और पुलिस कार्यों में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिला स्तर पर सार्वजनिक स्थलों, चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों काम कर रहे हैं या नहीं इसकी समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।