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यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा ने खोले सभी पत्ते, स्नातक-शिक्षक सीटों पर छह और नाम घोषित; टूटा शर्मा गुट

Tue, 29 Sep 2026 08:18 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP MLC elections:उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के चुनाव के लिए भाजपा ने अपने सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं।
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यूपी एमएलसी चुनाव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के चुनाव के लिए भाजपा ने अपने सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। मंगलवार को पार्टी ने छह और नामों का एलान किया। इनमें तीन स्नातक और तीन शिक्षक सीटें शामिल हैं। इससे पहले मई में पांच सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए जा चुके थे। इस तरह भाजपा ने चुनावी मैदान में अपनी पूरी तस्वीर साफ कर दी है।

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भाजपा केंद्रीय कार्यालय के प्रभारी तरुण चुघ की ओर जारी सूची के मुताबिक वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से अशोक कुमार राठौर को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक सीट से से इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव त्रिपाठी प्रत्याशी बनाए गए हैं। जबकि मेरठ स्नातक से दिनेश गोयल मौजूदा एमएलसी हैं और पार्टी ने उन्हें फिर मैदान में उतारा है। ध्रुव कुमार त्रिपाठी और प्रमोद मिश्रा शिक्षक संघ शर्मा गुट के नेता रहे हैं। प्रमोद मिश्रा वर्तमान में इस संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे हैं। 

दूसरी सूची में शामिल केदारनाथ सिंह पूर्व एमएलसी हैं और पिछले चुनाव में ये सपा से हार गए थे। फिर भी भाजपा ने इस बार फिर मौका दिया है। जबकि कर्मचारी नेता रहे हरिकिशोर तिवारी को पहली बार मौका दिया गया है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी पार्टी ने अपने पुराने संगठनात्मक आधार और सक्रिय चेहरों को मैदान में उतारा है।

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पहले घोषित हो चुके हैं ये पांच प्रत्याशी

भाजपा ने इससे पहले लखनऊ स्नातक से इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, आगरा स्नातक से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक से डॉ. हरि सिंह ढिल्लो, लखनऊ शिक्षक से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक से श्रीचंद्र शर्मा को प्रत्याशी बनाया था। इन पांचों को पार्टी ने दोबारा मौका दिया है। इस तरह भाजपा ने पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं।

सामाजिक समीकरण पर भी फोकस

प्रदेश संगठन के गठन के बाद भाजपा ने शिक्षक और स्नातक सीटों पर एमएलसी चुनाव में भी सामाजिक समीकरण पर खास फोकस किया है। इनमें भाजपा ने 11 सीटों में से सबसे अधिक पांच सीटों पर ब्राम्हण चेहरों को मौका दिया है। जबकि ओबीसी के तीन, राजपूत के दो और वैश्य जाति से एक प्रत्याशी को मैदान में उतारकर जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधने का प्रयास किया गया है।
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2027 से पहले अहम सियासी कवायद

विधान परिषद का यह चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग मतदाता समूह के बीच होता है। इसके बावजूद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे भाजपा के लिए संगठनात्मक संपर्क और शिक्षक-स्नातक वर्ग के बीच पहुंच परखने के मौके के रूप में देखा जा रहा है। इन सीटों पर लंबे समय से अलग-अलग राजनीतिक दलों और शिक्षक संगठनों का प्रभाव रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए चुनौती केवल अपने प्रत्याशियों को जिताने की नहीं, बल्कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में संगठन और मतदाता नेटवर्क को प्रभावी बनाने की भी होगी।

23 अक्तूबर को मतदान, 27 को नतीजे
11 सीटों के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होगा और 27 अक्तूबर को मतगणना होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख छह अक्तूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख नौ अक्तूबर है। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल छह दिसंबर को समाप्त हो रहा है।
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