मायावती ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाया जाए। देश की आन बान शान से जुड़े अति गंभीर मामलों को छोड़कर आंदोलित किसानों पर दर्ज बाकी सभी मुकदमों की वापसी भी केंद्र सुनिश्चित करें तो यह उचित होगा।
कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट के जरिए भाजपा सरकार को सलाह दी है। मायावती ने देश में तीव्र आंदोलन के बाद कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा का देर आए दुरुस्त आए कह कर स्वागत किया। किंतु इसे चुनावी स्वार्थ व मजबूरी का फैसला बताकर भाजपा सरकार की नीयत पर भी शक किया जा रहा है। इसलिए इस बारे में कुछ और ठोस फैसले जरूरी हैं।
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मायावती ने कहा कि किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाया जाए। देश की आन बान शान से जुड़े अति गंभीर मामलों को छोड़कर आंदोलित किसानों पर दर्ज बाकी सभी मुकदमों की वापसी भी केंद्र सुनिश्चित करे तो यह उचित होगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व में देश ने खासकर कांग्रेस पार्टी की इंदिरा गांधी की रही सरकार के अहंकार एवं तानाशाही वाले रवैये को काफी झेला है किंतु अब पूर्व की तरह वैसी स्थिति देश में दोबारा उत्पन्न ना हो ऐसी देश को आशा है।