गांव में घुसा बाढ़ का पानी।
नेपाल के पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश से सरयू उफान पर है। सरयू का पानी जिले के मिहिपुरवा, नानपारा और महसी तहसील में तबाही मचा रहा हैं। रविवार की सुबह बाढ़ के पानी के दवाब से बेलहा- बहरौली तटबंध पर दो स्थानों पर रिसाव शुरू हो गया। जिसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गई। सूचना पर पहुंचे कर्मचारी रिसाव बंद करवाने में जुट गए हैं।
नानपारा तहसील के बेलहा से निकल कर कैसरगंज के बहरौली तक जाने वाला तटबंध 100 से अधिक गांवों का सुरक्षा कवच है। तीन तहसीलों नानपारा, महसी और कैसरगंज की लगभग 2 लाख आबादी बाढ़ के समय इसी तटबंध के समय सुकून की नींद सोती हैं। लेकिन रविवार की सुबह बांध से गुजर रहे ग्रामीणों ने महसी क्षेत्र में तटबंध पर बेहटा और बिसवा के पास हल्का रिसाव होता देखा।
रिसाव होते देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई और तत्काल इसकी सूचना जिला प्रशासन और ड्रेनेज खंड को दी गई। सूचना पर सरयू ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता जितेन्द्र वर्मा मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल कर रिसाव बंद करने की कार्यवाही शुरू की। अवर अभियंता जितेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया की तटबंध पर 61.800 और 62.900 पर सीपेज की सूचना मिली थी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे है। जलस्तर बढ़ने के चलते पानी उबाल लें रहा था। सीपेज को मोरंग, गिट्टी, मसाला आदि से बंद करवा दिया गया है। साथ ही तटबंध पर नजर बनाए हैं।
बाढ़ का पानी गांव के अंदर।
- फोटो : अमर उजाला।
नेपाल में हो रही बरसात के कारण कुसुम बैराज से राप्ती नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे राप्ती नदी का जलस्तर एक बार पुन: रविवार को खतरे का निशान पार कर गया। इससे जहां कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी आ रहा है। वहीं नरैनापुर, लैबुड़वा व मनिकाकोट में राप्ती ने कटान तेज कर दिया है। जिले में भले ही बरसात थम गई हो लेकिन नेपाल सहित पहाड़ों पर रुक रुक कर बरसात जारी है। ऐसे में नेपाल के कुसुम बैराज से रविवार को सुबह 10 बजे 43267 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद राप्ती नदी का जलस्तर 127.50 से बढ़ कर खतरे के निशान 127.70 को पार कर दोपहर एक बजे 127.80 सेंटीमीटर पहुंच गया।
खतरे के निशान से दस सेंटीमीटर ऊपर पहुंचते ही राप्ती नदी का पानी एक बार पुन: जमुनहा के वीरपुर गांव के पास खेतों को जलमग्न करता हुआ क्षतिग्रस्त मल्हीपुर भंगहा मुख्य मार्ग की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण आवागमन के लिए खेत की मेड़ का सहारा लेने को विवश हो गए है। वहीं नरैनापुर में नदी तेजी से कटान करते हुए गांव व प्राथमिक विद्यालय की ओर बढ़ रही है। जिससे ग्रामीणों की धड़कने बढ़ गई हें। यही नहीं घटते बढ़ते जलस्तर के कारण राप्ती नदी इकौना के लैबुड़वा व मनिकाकोट, टेंड़वा, भुतहा गांव का वजूद मिटाने के लिए तेजी से कटान कर रही है। बढ़े जलस्तर के कारण भुतहा में कई घर कटान से मात्र चार से छह मीटर ही बचे हैं। यदि कटान जारी रहा तो कई घर राप्ती नदी की धारा में विलीन हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीण अपने घरों में रखा सामान सुरक्षित करने में जुट गए हैं।