कोराना काल में भले ही सब कुछ बंद हो लेकिन शराब की दुकानों को खोलने का इशारा कर दिया गया है। शासन स्तर पर भले ही कोई आदेश जारी न किया गया हो, लेकिन जिला स्तर पर शराब की दुकानें खोलने के मौखिक आदेश जरूर दे दिए गए हैं।
कोराना काल में भले ही सब कुछ बंद हो लेकिन राजस्व की पूर्ति के लिए शराब की दुकानों को खोलने का इशारा कर दिया गया है। शासन स्तर पर भले ही कोई आदेश जारी न किया गया हो, लेकिन जिला स्तर पर शराब की दुकानें खोलने के मौखिक आदेश जरूर दे दिए गए हैं। शनिवार को शराब एसोसिएशन ने मांग की और सोमवार से दुकानें खोली जाने लगीं। कई जिलों में शराब की दुकानों पर लंबी लाइन देखी गई। इस बाबत शासन स्तर पर कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
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सूत्रों का कहना है कि जिलों के अधिकारियों को मौखिक निर्देश दिए गए हैं कि राजस्व का अधिक नुकसान न हो, इसके लिए शराब की बिक्री की छूट स्थानीय स्तर पर दी जाए। क्योंकि शासन स्तर पर इसे लेकर कोई आदेश जारी होता तो सवाल खड़े होने वाजिब थे, ऐसे में गुपचुप तरीके से बिना किसी शोर शराबे के दुकानें खोलने या न खोलने का निर्णय जिलाधिकारियों पर छोड़ दिया गया। इसके बाद कई जिलों में शराब की दुकानें खुल गईं, जहां दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी और आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।