प्रदेश में कोविड के अब छिटपुट मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में कोविड अस्पतालों को पूरी तरह से सामान्य करने की तैयारी है। हालांकि इन अस्पतालों में एक-एक वार्ड कोविड मरीजों के लिए बनाया जाएगा। प्रदेश के सिर्फ 31 जिले ऐसे हैं, जहां अभी कोविड मरीज मिल रहे हैं। प्रदेश में रविवार को 44 जिलों में कोविड का कोई नया मरीज नहीं मिला है। 31 जिलों में 76 नए मरीज मिले हैं। इनमें सिर्फ गौतमबुद्धनगर में 10 मरीज मिले हैं। अन्य जिलों में एक से तीन मरीज सामने आए हैं। बीते 24 घंटे में बलिया में एक मरीज की मौत भी हुई है। इसी तरह 162 मरीज सही भी हुए हैं। अब प्रदेश में सक्रिय केस सिर्फ 1313 रह गए हैं। छह जिलों में कोई सक्रिय केस नहीं हैं।
प्रदेश में नवंबर के अंतिम सप्ताह से कोविड की तीसरी लहर शुरू हुई थी। 19 जनवरी इसका पीक रहा और इस दिन संक्रमण की दर 7.70 फीसदी रिकॉर्ड की गई। इस दिन प्रदेश में 17,776 मरीज मिले थे। इसके बाद लगातार गिरावट का दौर शुरू हुआ और 28 फरवरी को संक्रमण दर घटकर 0.24 फीसदी पर पहुंच गई। 12 मार्च से कोविड के नए मिलने वाले मरीजों की संख्या 100 से नीचे आई और संक्रमण की दर भी 0.07 फीसदी रह गई। 13 मार्च को संक्रमण दर गिरकर 0.06 फीसदी पर पहुंच गई है।
ऐसे में एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान ने कोविड अस्पताल को बंद कर यहां मूल विभागों का संचालन शुरू कर दिया है। हालांकि केजीएमयू में लिंब सेंटर को अब भी कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है, लेकिन अगले सप्ताह से यहां भी सामान्य मरीजों का उपचार शुरू हो जाएगा। कोविड अस्पतालों में मरीजों के लिए अब सिर्फ एक वार्ड का संचालन होगा। अभी चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी में बिना कोविड रिपोर्ट के इलाज हो रहा है। लेकिन सर्जरी में कोविड की जांच कराई जा रही है।
इन जिलों में नहीं मिल रहे मरीज
कुशीनगर, उन्नाव, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, जालौन, अमरोहा, आजमगढ़, इटावा, मैनपुरी, बांदा, शाहजहांपुर, भदोही, अलीगढ़, बस्ती, बिजनौर, देवरिया, मथुरा, अयोध्या, बलिया, चित्रकूट, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, अमेठी, बागपत, एटा, फिरोजाबाद, सीतापुर, सोनभद्र, औरैया, चंदौली, हापुड़, पीलीभीत, शामली, कानपुर देहात, कासगंज, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बदायूं, बलरामपुर, हाथरस, कौशांबी, महोबा और श्रावस्ती।
सभी सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि जहां कोविड अस्पताल थे, वहां अन्य वार्डों की तरह ही एक कोविड वार्ड बना दिया जाए। सर्जरी के लिए भर्ती करते समय ही मरीजों की कोविड जांच कराई जाए। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे संबंधित वार्ड में भर्ती किया जाए।
- डॉ. वेदब्रत सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक