उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच में आतंकी नेटवर्क की फंडिंग से जुड़ा अहम खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी पर चंदा जुटाकर पाकिस्तान रकम भेजने और भड़काऊ भाषणों के जरिए युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने का आरोप है। जांच एजेंसियां संदिग्ध नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं।
यूपी एटीएस द्वारा बिहार से गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मोहम्मद जफर से चंदा जुटाकर रकम पाकिस्तान मंगाई जा रही थी। वह मदरसों और मस्जिदों से चंदा जुटा रहा था। वह इन जगहों पर भड़काऊ भाषण देकर लोगों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाता था।
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इससे पहले आईएस के हैंडलर द्वारा भी आतंकी गतिविधियों के लिए रकम नहीं भेजने के मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक इसकी वजह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की बदहाली की वजह से आतंकी संगठनों की फंडिंग में कटौती है।
इसी तरह आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी भी युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल हाेने के लिए चंद रुपये भेजकर अपने जाल में फंसाता है। उसके नेटवर्क के सदस्यों के खिलाफ देश भर में 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज करने के साथ तमाम संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि उसने युवाओं को दो से पांच हजार रुपये ही भेजे थे जिसकी भनक खुफिया एजेंसियों को मिलने पर उन्हें दबोच लिया गया।