उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय वापसी (जहां पहली तैनाती हुई थी) की शासन ने हरी झंडी दे दी है। इसके बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग इससे जुड़ी प्रक्रिया शुरू करेगा। शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि शिक्षकों की भांति उन्हें भी गर्मी की छुट्टियों में ही इसका लाभ मिल जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के उप सचिव आनंद कुमार सिंह की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से शिक्षामित्रों के मूल विद्यालय में तबादले-समायोजन की अनुमति मांगी गई है। इस क्रम में पहले चरण में शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में तबादले-समायोजन की अनुमति दी जाती है। इससे जुड़ी आवश्यक कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित की जाए।
शासन के इस निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग जल्द इसकी प्रक्रिया शुरू करेगा। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील यादव ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों के मूल विद्यालय वापसी संबंधित शासनादेश 3 जनवरी 2025 को जारी किया था। इसका विस्तृत कार्यक्रम जारी करने के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने शासन से अनुमति मांगी थी। अब जल्द इसकी प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके बाद शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय वापसी यानी अपनी ग्राम सभा में जाने का मौका मिलेगा। पिछले दिनों समायोजन के बाद उनको जिले में दूसरे ब्लॉकों में 80 से 100 किलोमीटर दूर भेज दिया गया था। इससे उनको आने-जाने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।