सड़क पर घूम रहे आवारा गोवंशों पर सरकार सख्त हुई है। अब इस बात की पहचान की जाएगी कि वह गौवंश किसके द्वारा छोड़े गए हैं। व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज होगी। लखनऊ के डीएम डॉ. सूर्यपाल गंगवार ने मंगलवार को निराश्रित गोवंश को लेकर चलाए जाने वाले विशेष अभियान को लेकर बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि अगर कोई पशुपालक अपने गोवंश को छुट्टा छोड़ता है तो कांजी हाउस की व्यवस्था के लिए निर्धारित आर्थिक दंड वसूलने के साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जो लोग पशुओं (गोवंशों) को अपने पास रखने के सक्षम नहीं हैं वह उन्हें सात दिन में कांजी हाउस में छोड़ आएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि 31 दिसंबर की समय सीमा से पहले लखनऊ में विचरण कर रहे समस्त निराश्रित गोवंशों का संरक्षण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया की नगरीय क्षेत्र में गो संरक्षण के कार्यों का अनुश्रवण नगर आयुक्त एवं ग्रामीण क्षेत्र में नोडल अधिकारी उपजिलाधिकारी करेंगे। न्याय पंचायतों में निराश्रित गोवंश का सर्वे पशुधन प्रसार अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी अलग-अलग करें।
डीएम ने नगर निगम क्षेत्र की तरह प्रत्येक न्याय पंचायतों में भी एक-एक कांजी हाउस की स्थापना कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सात दिन बाद किसी पशुपालक का गोवंश छुट्टा पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बैठक में गो संरक्षण अभियान के बारे में आम जनमानस की जानकारी देने के लिए एक केंद्रीयकृत मोबाइल नंबर 9335304152 जारी किया गया। इस दौरान चिह्नित हॉटस्पॉट सरोजनीनगर से बनी तक, पीजीआई से मोहनलालगंज तक, अर्जुनगंज से गोसाईंगंज तक, छठा मील से भैंसामऊ तक एवं चंद्रिका देवी मार्ग तक सर्वे करने की बात भी कही गई।