मरीजों का पंजीकरण, बिलिंग व फार्मेसी का काम ऑनलाइन किया जा रहा है। इस उपलब्धि को देखते हुए विभाग ने 22 अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रस्ताव तैयार किया। इसके लिए सी डैक के प्रस्ताव पर जल्द ही शासन की मुहर लग जाएगी।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इनफॉरमेशन सिस्टम प्रणाली (एचएमआईएस) लागू होगी। वर्तमान में नौ कॉलेजों व संस्थानों में यह व्यवस्था चल रही है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने पहले चरण में चिकित्सा शिक्षा के छह कॉलेजों और तीन संस्थानों में एचएमआईएस लागू की थी। इससे जहां एक ओर अस्पतालों के प्रबंधन व कार्यप्रणाली में सुधार नजर आए, वहीं मरीजों को यूनीक आईडी नंबर मिलने से उसकी सारी जानकारी अस्पताल में दर्ज होने लगी। रोगियों के दोबारा अस्पताल आने पर केस हिस्ट्री मिलने में आसानी होने लगी।
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मरीजों का पंजीकरण, बिलिंग व फार्मेसी का काम ऑनलाइन किया जा रहा है। इस उपलब्धि को देखते हुए विभाग ने 22 अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रस्ताव तैयार किया। इसके लिए सी डैक के प्रस्ताव पर जल्द ही शासन की मुहर लग जाएगी। इन कॉलेजों में एचएमआईएस शुरू होने के बाद पांच अन्य कॉलेजों में भी इसे लागू किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इस प्रणाली को लगातार अपडेट भी किया जा रहा है। अब मेडिकल कॉलेजों में दवाओं की उपलब्धता के साथ डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं कर्मचारियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज हो सकेगी।