प्रगतिशील आलू किसान सुधीर शुक्ला बताते हैं कि प्रति बीघा 12 से 15 हजार लागत आती है। खुदाई, बोरी की पैकिंग, मंडी तक बुलाई आदि पर ढाई से तीन हजार खर्च हो जाता है। औसत पैदावार 30 क्विंटल मान लें तो अधिकतम 12 हजार मिलेगा। ऐसे में घाटा ही हुआ। सातनपुर में खुले क्रय केंद्र में 650 रुपये क्विंटल मूल्य है, मानक कड़े हैं। यहां बेचने पर भी घाटा है।
आलू पाउडर प्रसंस्करण लगे तो मिले फायदा
कोल्ड स्टोर संचालक प्रवीन कटियार बताते हैं कि बंपर पैदावार और दूसरे राज्यों में निर्यात न होने से समस्या बढ़ी है। पश्चिम बंगाल, आसाम आलू भेजा जाता तो फायदा मिलता। आलू पाउडर प्रसंस्करण फैक्टरी लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी काम नहीं हो रहा है।