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यूपी: राजधानी में ट्रैफिक जाम को लेकर हाईकोर्ट सख्त, कहा- जाम का स्थाई हल निकालें अफसर; दो सप्ताह का दिया समय

Fri, 01 May 2026 10:20 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Traffic jam in Lucknow: लखनऊ में लगातार होने वाले ट्रैफिक जाम को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है। 
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लखनऊ में लगातार जाम की समस्या बढ़ रही है।
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विस्तार
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लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी में ट्रैफिक जाम लगने से आम लोगों को हो रही परेशानी के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के समय पेश हुए अफसरों को निर्देश दिया कि वे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थाई समाधान निकालें।

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लखनऊ शहर में विशेष रूप से पॉलिटेक्निक से किसान पथ तक, यातायात जाम की समस्या के संबंध में दिए गए पूर्व आदेश के तहत डीसीपी (ट्रैफिक), लखनऊ, डीसीपी (पूर्व) और लखनऊ नगर निगम के एक राजपत्रित अधिकारी शुक्रवार को खंडपीठ के समक्ष पेश हुए । इन अफसरों ने ट्रैफिक जाम को दूर करने के लिए हाल में किए गए उपायों की जानकारी दी, जिससे कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और अधिक प्रभावी तथा स्थाई उपाय करने का निर्देश दिया। उधर, राज्य सरकार की ओर से पेश हुए मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने दो सप्ताह में कारवाई रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय वकील सूरज सिंह विसेन द्वारा शहर में यातायात जाम की समस्या को लेकर दायर जनहित याचिका समेत समान मुद्दे से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया। उन्होंने जनहित में यातायात समस्या के उचित समाधान के लिए निर्देश देने की मांग की थी।
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अदालत ने कहा था पिछले कई वर्षों से, लखनऊ में पॉलिटेक्निक से लेकर किसान पथ तक के सड़क मार्ग पर यातायात जाम और अन्य संबंधित समस्याएं आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन रही हैं। इस तथ्य के बावजूद कि कई जनहित याचिकाओं के माध्यम से यह मामला अदालत के ध्यान में लाया गया है, अभी तक संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई उपयुक्त समाधान नहीं निकाला गया है।अदालत ने इस जनहित याचिका को एक अन्य समान मामले के साथ जोड़ने और अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने निर्देश दिया था कि उपस्थित होने से पहले, उपर्युक्त अधिकारी, याचिका और इसमें उल्लिखित संपूर्ण मार्ग/क्षेत्र( पॉलिटेक्निक से लेकर किसान पथ तक के सड़क मार्ग) का निरीक्षण करेंगे, ताकि समस्या का पता लगाया जा सके और उसके समाधान क्या हैं, यह निर्धारित किया जा सके और फिर यदि कोई समाधान हो तो न्यायालय को सुझाया जा सके।

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