मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए ग्राम पंचायत और नगर निकाय वॉर्ड स्तर पर निगरानी समितियों का गठन करके उन्हें रविवार को ही सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ युवक मंगल दल, चौकीदार आदि को निगरानी समिति में शामिल किया जाए। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में सिविल डिफेंस और स्वैच्छिक संगठनों को निगरानी समितियों में सम्मिलित किया जाए। निगरानी कार्य में जनप्रतिनिधियों की भी सहायता ली जाए। मुख्यमंत्री रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर निकलने से पहले अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम, बचाव, उपचार और टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निगरानी समितियों के माध्यम से सामुदायिक निगरानी करके कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। निगरानी समितियां अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश पहुंचने वाले यात्रियों की मॉनीटरिंग करें। साथ ही ऐसे अन्य व्यक्तियों की भी निगरानी करें, जिनमें कोविड-19 के लक्षण मौजूद हों। कोरोना मामलों की मैपिंग कर रणनीतिक निगरानी से ऐसे मामलों का जल्दी पता चल सकेगा और मरीज को आइसोलेट किया जा सकेगा।
किसी भी संक्रमित व्यक्ति से सम्बंधित 25 लोगों की टेस्टिंग की जाए। इससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाए। स्टैटिक सैम्पलिंग के माध्यम से आरटीपीसीआर के नमूने भेजने के भी निर्देश भी उन्होंने दिए।
मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड की व्यवस्था करने, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की निरंतर उपलब्धता रखने के लिए कहा है। इन अस्पतालों में ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और दवाइयों की भी जरूरत के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कोविड अस्पतालों में वरिष्ठ डॉक्टर्स लगातार राउंड लें। उन्होंने सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिन सुबह कोविड चिकित्सालय में और शाम को इटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बैठक कर स्थिति की समीक्षा करके आगे की रणनीति बनाने के निर्देश दिए।
होम आइसोलेशन के मरीज पर रैपिड रिस्पांस टीम रखेगी नजर
मुख्यमंत्री ने होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की भी लगातार मॉनीटरिंग के निर्देश दिए हैं। जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जा सके। होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजों को दवाइयां व इलाज उपलब्ध कराया जाए। पूर्व निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन करके होम आइसोलेशन में रखे गए मरीज के घर दिन में तीन बार विजिट करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में मास्क एक महत्वपूर्ण हथियार है। इसलिए लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनने के लिए कहा जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि दुकानदार मास्क पहनकर ही अपनी दुकान का संचालन करें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ऑटो, टैक्सी और बस ड्राइवर भी अनिवार्य रूप से मास्क पहनें। ऑटो, टैक्सी और बस का प्रयोग उन्हीं यात्रियों को करने दिया जाए, जिन्होंने मास्क पहना हो।
आज सात लाख लाभार्थियों को टीका लगाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में टीकाकरण की गति को भी बढ़ाने के निर्देश दिए। टीकाकरण होने से काफी हद तक कोरोना संक्रमण के प्रभाव से लोगों को बचाया जा सकेगा। सभी जिलों में प्रत्येक दिन के लिए निर्धारित टीकाकरण के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकतर जिले कोविद टीकाकरण के अपने लक्ष्य से कम कार्य कर रहे हैं। इसलिए सोमवार को अपने लक्ष्यों को पार करें। 05 अप्रैल को प्रदेश में 07 लाख से अधिक टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसे हर हालत में पार करना है।