शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड में घेरे में आए राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। राज्यपाल राम नाईक ने भी इस मामले में दखल देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इसकी गहराई से जांच कराने के लिए पत्र लिखा है। राज्यपाल ने इस बाबत मुख्यमंत्री से बात भी की है।
इसके बाद सरकारी हलकों में हलचल मची। जांच एजेंसियां हरकत में आ गईं। इसी बीच, वर्मा पर कार्रवाई को लेकर सरकार और पार्टी ने तो चुप्पी साध ली, लेकिन शाम तक शाहजहांपुर के ही पूर्व विधायक देवेन्द्र पाल सिंह को पार्टी से निकाले जाने की खबर ने इस रहस्य को और गहरा कर दिया है।
राजभवन सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि जगेंद्र हत्याकांड में दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ राज्यमंत्री पर उनकी हत्या का आरोप लगाया जा रहा है तो दूसरी तरफ पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है। उन्होंने कहा है कि विषय काफी गंभीर है और गहन जांच से ही सही स्थिति सामने आ सकती है।
उधर, मामले के तूल पकड़ने के बाद सरकार और सपा में भी इस मामले को लेकर गहन मंथन शुरू हो गया है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश व रामगोपाल यादव समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर इस मसले पर चर्चा की। मुलायम के आवास पर बैठक के बाद जिस तरह से देवेन्द्र पाल सिंह के निष्कासन की सूचना दी गई, उससे दोनों घटनाओं के बीच कड़ी जुड़ती दिख रही है।