सूखा प्रभावित बुंदेलखंड के अंत्योदय श्रेणी के सभी परिवारों को आटा, दाल, तेल और आलू के अलावा घी भी मिलेगा। मार्च से इसका वितरण शुरू करने की योजना है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मार्च के पहले सप्ताह में महोबा और बांदा जाकर राहत वितरण का काम शुरू कर सकते हैं। राहत सामग्री को समाजवादी राहत पैकेट के रूप में पेश किया जा सकता है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सूखा प्रभावित बुंदेलखंड में फौरी राहत वाले उपायों से जुड़े प्रस्ताव पर शीर्ष स्तर से सहमति मिल गई है।
यह राहत राज्य आपदा राहत निधि (एसडीआरएफ) से दी जाएगी। इसमें 75 फीसदी हिस्सा केंद्र, 25 फीसदी राज्य सरकार का होता है। चालू वित्त वर्ष के लिए इसमें करीब 35 करोड़ रुपये बचे हैं। इससे योजना शुरू करने का प्रस्ताव है।
सूत्रों ने बताया कि खाद्यान्न में 10 किलोग्राम चावल, 10 किलोग्राम आटा, पांच किलोग्राम चने की दाल, 25 किलोग्राम आलू और एक लीटर खाद्य तेल देने का प्रस्ताव शीर्ष स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा गया था।
अगले चरण में चावल भी शामिल करने पर विचार
मगर, वहां से इसमें घी भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है। पहले चरण में आटा, दाल, आलू, तेल और घी और अगले चरण में चावल शामिल करने का विचार है।
अधिकारी ने बताया कि राहत सामग्री की व्यवस्था कर्मचारी कल्याण निगम कराएगा। राजस्व विभाग राज्य आपदा राहत निधि से इसके लिए बुंदेलखंड के सातों जिलों के डीएम को बजट उपलब्ध कराएगा। जिलाधिकारी अपने स्तर से निगम को राहत सामग्री के पैसे का भुगतान करेंगे।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री बुंदेलखंड के चार और पांच मार्च को बांदा और महोबा जाकर राहत वितरण के कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन एक लीटर दूध देने का निर्देश दिया गया है।
2.34 लाख पाएंगे फायदा
शासन ने राहत सामग्री बुंदेलखंड के अंत्योदय परिवारों को देने की योजना बनाई है। ऐसे लाभार्थी परिवारों की संख्या 234246 बताई जा रही है।
417 वाटर टैंक, 100 वाटर एटीएम खरीदने को मंजूरी
कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार ने बुंदेलखंड में गर्मी के दिनों में पेयजल की आवश्यक उपलब्धता के लिए 417 नए वाटर टैंक खरीदने व 100 वाटर एटीएम की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने यह मंजूरी बुंदेलखंड के लिए प्रस्तावित 200 करोड़ रुपये की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श के बाद दी। वह अब हर बुधवार को बुंदेलखंड में पेयजल की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने शुक्रवार को बुंदेलखंड में आने वाले दिनों में पेयजल की किल्लत की आशंका पर चर्चा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी।
कुमार ने बुंदेलखंड में छोटे-मोटे कारणों से पानी न देने वाले हैंडपंपों की मरम्मत का काम इसी महीने कराने का निर्देश दिया।