बिजली कंपनियों के भारी घाटे में होने के बावजूद सरकार बकायेदारों का करीब 19,000 हजार करोड़ रुपये सरचार्ज माफ करने की तैयारी में है।
नियमित बिल का भुगतान न करने वालों को हतोत्साहित करने और नियमित भुगतान करने वाले ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों का ख्याल रखते हुए विद्युत नियामक आयोग ने दो साल पहले ही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) पर रोक लगा दी है।
अब नए नाम एमनेस्टी स्कीम के जरिये बकायेदारों का पूरा का पूरा सरचार्ज माफ करने की विद्युत नियामक आयोग से मंजूरी मांगी गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार इसका दायरा भी बढ़ा दिया गया है।
गांव से लेकर शहरों तक के घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ बकायेदार बड़े कॉमर्शियल, औद्योगिक, नए और पुराने सभी उपभोक्ताओं को इसका फायदा देने का प्रस्ताव है।
आयोग एमनेस्टी स्कीम का परीक्षण कर रहा है। पावर कार्पोरेशन में कुछ और सूचनाएं तलब की गई हैं। स्कीम के सारे पहलुओं पर विचार और परीक्षण के बाद आयोग अगले सप्ताह तक कुछ संशोधनों के साथ इसे मंजूरी दे सकता है।
प्रदेश में सभी श्रेणियों को मिलाकर लगभग 1.75 करोड़
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बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से लाखों उपभोक्ता ऐसे हैं जो लंबे समय से बिजली का बिल चुकता नहीं कर रहे हैं। ग्रामीण और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा बड़े कॉमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी भारी बिजली का बिल बकाया है।
सूत्रों के मुताबिक सभी श्रेणियों पर कुल बकाया 35,000 करोड़ रुपये के आसपास है जिसमें सरचार्ज की रकम तकरीबन 19,000 करोड़ है।
आयोग ने पूछा- किस श्रेणी के उपभोक्ता पर कितना बकाया
नियामक आयोग ने एमनेस्टी स्कीम के प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन से जानकारी मांगी है कि किस श्रेणी के कितने उपभोक्ताओं पर कितनी मूल राशि व कितना सरचार्ज बकाया है। आयोग ने बकाया अवधि को लेकर भी जानकारी मांगी है। आयोग ने यह भी पूछा है कि स्कीम लागू करने से कितना पिछला बकाया जमा होने की संभावना है।
ये कहते हैं राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन
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इस पर राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा का कहना है कि बिजली के पुराने बकाये की वसूली के लिए पावर कॉर्पोरेशन की ओर से एमनेस्टी स्कीम को मंजूरी देने की याचिका दायर की है। आयोग अभी इसका परीक्षण कर रहा है। पावर कॉर्पोरेशन से कुछ सूचनाएं मांगी गई हैं। सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद अगले सप्ताह तक आयोग इस पर फैसला करेगा। आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि ईमानदार उपभोक्ताओं पर स्कीम का कोई खराब असर न हो।