उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए सरकार ने निवेशकों को बड़ी राहत देते हुए कृषि भू-उपयोग की जमीन को औद्योगिक में परिवर्तित करने पर लगने वाला शुल्क 15 फीसदी घटा दिया है। यानी अब परिवर्तन शुल्क डीएम द्वारा तय सर्किल का मात्र 20 फीसदी देना होगा। पहले यह दर 35 फीसदी थी।
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इसके लिए ‘उप्र नगर योजना और विकास (भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क का निर्धारण, उद्धरण एवं संग्रहण) नियमावली-2014‘ में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन शुक्रवार को मंजूरी दे दी गई। नई दर तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है।
सरकार का मानना है कि भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में कम किए जाने से उद्यमी प्रदेश में उद्योग लगाने के प्रति प्रोत्साहित होंगे। जिससे प्रदेश की विकास दर बढ़ेगी और रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। वहीं, कई वर्षों से अधिक शुल्क होने से भू-उपयोग न बदलने की वजह से परेशान छोटे व मझोले उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी।
दो साल पहले इन्वेस्टर समिट के दौरान निवेश के लिए कई एमओयू हुए, लेकिन भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क समेत कई दिक्कतों के चलते उद्यमी रुचि नहीं दिखा रहे थे। शुल्क घटाकर सरकार ने उद्यमियों को बड़ी राहत दी है।