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विवादित रहे राजेंद्र प्रसाद वर्मा को नहीं मिलेगा सरस्वती पुरस्कार, सरकार ने लिया निर्णय

Thu, 05 Sep 2019 12:53 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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राजेंद्र प्रसाद वर्मा - फोटो : amar ujala
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मायावती सरकार में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष रहे राजेंद्र प्रसाद वर्मा को गुरुवार को शिक्षक दिवस पर ‘सरस्वती पुरस्कार’ से सम्मानित नहीं किया जाएगा। ‘अमर उजाला’ में बुधवार को खबर प्रकाशित होने के बाद शासन ने वर्मा को सम्मानित नहीं करने का निर्णय किया है।
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उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार को सरस्वती पुरस्कार के लिए चयनित तीन शिक्षकों की सूची जारी की थी। सूची में उन्नाव के गोसाई खेड़ा स्थित राजकीय महाविद्यालय मेंएसोसिएट प्रोफेसर (हिंदी) के पद पर कार्यरत राजेंद्र प्रसाद वर्मा का भी नाम था। बसपा सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने वर्मा को माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था। 
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वर्मा पर बोर्ड का अध्यक्ष रहते प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा में अपने रिश्तेदारों को परीक्षा दिए बिना उत्तीर्ण करने का आरोप लगा था। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद वर्मा ने मामले को रफा-दफा कर दिया। 2012 में प्रदेश में सपा की सरकार आने के बाद वर्मा ने बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

‘अमर उजाला’ ने बुधवार को ‘विवादित रहे राजेंद्र प्रसाद वर्मा को मिलेगा सरस्वती पुरस्कार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। 

कार्यवाहक मुख्य सचिव आरके तिवारी और उप मुख्यमंत्री के बीच हुई वार्ता के बाद वर्मा को सम्मानित नहीं करने का निर्णय किया गया। कार्यवाहक मुख्य सचिव ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद वर्मा को बृहस्पतिवार को सरस्वती पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया जाएगा। 
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