फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगी सरकार ने अखिलेश की फोटो वाले तीन करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड किए रद्द

Sun, 02 Apr 2017 12:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
सीएम आदित्यनाथ व पूर्व सीएम अखिलेश - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव की फोटो के साथ छपवाए गए लगभग 3.31 करोड़ राशन कार्डों को रद्द कर दिया है। इनमें लगभग दो करोड़ राशन कार्ड बांटे भी जा चुके हैं। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राशन कार्ड रद्द होने या इनके चलन पर रोक लगाने के फैसले का असर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ना चाहिए।
विज्ञापन


कहा है कि उपभोक्ताओं को पूर्ववत अनाज और अन्य सामग्री की वितरण जारी रहेगा। यह वितरण उस ड्राफ्ट पर्ची के आधार पर किया जाएगा जो राशन कार्ड के लिए कंप्यूटर पर लोड की गई थी या उपभोक्ताओं को बांटी गई थी। जिनके पास यह पर्ची नहीं है वे कंप्यूटर से नई पर्ची निकलवा सकते हैं।

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी दुकानदार ने यदि आदेशों के अनुपालन में हीलाहवाली की और राशन कार्ड न होने के आधार पर किसी को अनाज या अन्य सामग्री देने में आनाकानी की तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

स्मार्ट कार्ड की तरह होंगे नए राशन कार्ड

- फोटो : amar ujala
नए राशन कार्ड स्मार्ट कार्ड की तरह होंगे। नए आदेश में अफसरों को राशन कार्डों को स्मार्ट कार्ड के रूप में छपवाने के निर्देश दिये गये है। जिससे सार्वजिनक वितरण प्रणाली में घपले घोटाले की गुंजाइश न रहे। इस संबंध में खाद्य आयुक्त को प्रस्ताव देने को भी कहा गया है।

नए राशन कार्ड आधार से लिंकअप करने से सब्सिडी पर अनाज लेने वाले उपभोक्ताओं के बारे में सरकार के पास जानकारी रहेगी। साथ ही यह जानकारी भी ऑन लाइन रहेगी कि राशन की दुकानों से कितने उपभोक्ताओं को अनाज मिला है और कितनों को नहीं।

शासन की तरफ से खाद्य आयुक्त भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री के चित्र और संदेश वाले जिन राशन कार्डों का अभी तक वितरण नहीं किया गया है उनका वितरण न किया जाए। जिन राशन कार्डों को वितरित किया जा चुका है, उन्हें रद्द करते हुए वापस ले लिया जाए।

साथ ही स्मार्ट कार्ड की तरह अब ऐसे राशन कार्ड छपवाए जाएं जिन्हें राशन दुकानों पर लगाई जाने वाली इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) मशीनें आसानी से पढ़ लें।
विज्ञापन

विवादों का राशन कार्ड, भाजपा ने उठाए थे सवाल

- फोटो : amar ujala
अखिलेश सरकार ने पिछले वर्ष कर्मचारी कल्याण निगम के माध्यम से नए राशन कार्ड छपवाए थे। राशन कार्डों पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च करके प्लास्टिक कवर लगवाए गए थे। इस कवर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो छपवाई गई थी।

राशन कार्ड के कवर पर समाजवादी पार्टी के झंडे जैसी दो पट्टियां थी। साथ ही अखिलेश यादव का संदेश भी छापा गया था। भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने यह कहते हुए इस पर आपत्ति उठाई थी कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत छपे इन राशन कार्डों पर आने वाला खर्च केंद्र सरकार का है। जिस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा अपना प्रचार कराना गलत है।

राशन कार्डों का वितरण नवंबर से शुरू किया गया था। जिस पर चुनाव अधिसूचना के बाद भाजपा ने फिर चुनाव आयोग से शिकायत की तो इन राशन कार्डों के वितरण पर रोक लगा दी गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें