राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा है कि सितंबर के अंत तक कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए इससे निपटने के लिए तैयार रहना होगा। बच्चों को वायरस से बचाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन चिकित्सकों ने जिस तरह से पहले कार्य किया है, उसी तरह आगे भी इस लड़ाई को जीतेंगे। वे शुक्रवार को एसजीपीजीआई के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों ने प्रदेश में आई दो लहर का डटकर मुकाबला किया है। राज्य में संसाधनों का विकास किया जा रहा है। ब्लॉक स्तर पर जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या और एमबीबीएस व पीजी की सीटें भी बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करने वालों को मानवीय संवेदना के साथ सामाजिक दायित्व निभाना होगा। डॉक्टरों की सेवा ही शिक्षा की गुणवत्ता आंकने का मापदंड बनेगी।
चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि संस्थान में करीब दो माह रहकर उन्होंने यहां के चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टॉफ के सेवाभाव को देखा है। मुख्य सचिव एवं संस्थान के अध्यक्ष आरके तिवारी ने कहा कि सभी के सहयोग से कोविड से मुकाबला किया गया है। अब कोरोना संक्रमण की दर घट कर 0.01 फीसदी रह गई है। उन्होंने कोविड काल में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि इन दिनों 78 हजार बेड तैयार है।