प्रस्ताव-1: पेट्रोल पर वैट 1.26 रुपये प्रति लीटर व डीजल पर 1.09 रुपये प्रति लीटर वृद्धि की जाए। इससे 1,740 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक राजस्व वृद्धि का अनुमान है।
प्रस्ताव-2: पेट्रोल पर वैट की दर में 1.76 रुपये व डीजल में 1.59 रुपये प्रति लीटर वृद्धि की जाए। इससे 2,520 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक राजस्व प्राप्ति की उम्मीद।
प्रस्ताव-3: पेट्रोल पर वैट की दर में 2.26 रुपये व डीजल पर 2.09 रुपये प्रति लीटर वृद्धि की जाए। इससे 3300 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक राजस्व प्राप्त हो सकता है।
प्रस्ताव तैयार करते समय बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात व पश्चिम बंगाल में पेट्रोल व डीजल के उपभोक्ता मूल्यों को ध्यान में रखा गया है। तीन अप्रैल के उपभोक्ता मूल्य के आधार पर तीनों प्रस्तावों पर अलग-अलग असर सामने आएगा। यदि पहले प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 73.17 रुपये व डीजल की 63.95 रुपये हो जाएगी। लेकिन तब भी पेट्रोल बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान व महाराष्ट्र से जबकि डीजल उत्तराखंड छोड़कर इन सभी राज्यों से सस्ता रहेगा।
दूसरे प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो पेट्रोल की कीमत 73.67 रुपये व डीजल की 64.45 रुपये हो जाएगी। तब पेट्रोल बिहार, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से ही सस्ता रहेगा, जबकि डीजल उत्तराखंड छोड़ इन सभी राज्यों से सस्ता रहेगा।
तीसरे प्रस्ताव पर एक राय हुई तो पेट्रोल 74.17 रुपये व डीजल 64.95 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। ऐसी स्थिति में पेट्रोल बिहार, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से ही सस्ता रहेगा। डीजल उत्तराखंड व पश्चिम बंगाल छोड़ अन्य राज्यों से सस्ता रहेगा।