लखनऊ में स्पीड ब्रेकरों और सड़कों पर सुरक्षा के हाल सुधारने के इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं। इस संबंध में दायर याचिका की सुनवाई में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अब्दुल मोइन ने दो हफ्ते में सरकार को पक्ष रखने के लिए कहा। सरकार की ओर से भी याचिका को वाजिब बताते हुए कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है। अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
अब्दुलाह रमजी खान की ओर से दायर जनहित याचिका में प्रदेश के शहरी विकास विभाग सहित लखनऊ नगर निगम को प्रतिवादी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश पांडेय ने हाईकोर्ट के समक्ष माना कि याची द्वारा उठाया गया मुद्दा जनहित का और उचित है।
प्रदेश सरकार याचिका में सामने आई बातों के अनुसार जरूरी कदम उठाएगी। यह कदम लखनऊ ही नहीं यूपी के अन्य शहरों में भी लागू किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभागों को सरकार जल्द निर्देश जारी करेगी। इसके लिए दो हफ्ते का समय मांगा गया। हाईकोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए अगली सुनवाई 20 नवंबर को रखी है।