प्रदेश में पनकी विस्तार परियोजना पर काम चल रहा है। लॉकडाउन के पूर्व इस प्रोजेक्ट पर करीब 1600 श्रमिक काम कर रहे थे। लॉकडाउन लगा तो अधिकतर अपने-अपने गांव चले गए। लॉकडाउन में छूट के बाद काम शुरू हुआ तो विभिन्न श्रेणी के 400 मजदूर ही उपलब्ध हो पाए हैं।
श्रमिकों की कमी से विस्तार कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अब कार्य विस्तार में जुड़े इंजीनियरों ने उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र कानपुर से विभिन्न श्रेणी के 363 श्रमिकों की मांग की है। इसी तरह कई औद्योगिक इकाइयों ने अन्य जिलों में श्रमिकों की मांग की है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने प्रमुख सचिव एमएसएमई को एक पत्र लिखा है। इसमें प्रवासी श्रमिकों व अन्य बेरोजगार युवकों को एमएसएमई सेक्टर में रोजगार दिलाने में सहयोग की बात कही गई है।
आईआईए के अध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा है कि एक वेबसाइट तैयार की जाए, जिसमें प्रवासी व अन्य बेरोजगार की सूची जिले व तहसीलवार उपलब्ध हों। इस सूची में कामगारों के नाम, पते, मोबाइल नंबर, उनकी दक्षता के क्षेत्र, कार्य अनुभव की जानकारी हो। इसके अलावा संबंधित व्यक्ति के बारे में यह प्रमाणपत्र भी हो कि वह प्रवासी श्रमिक घर लौटने पर क्वारंटीन रहा है और उसकी कोरोना जांच रिजल्ट निगेटिव आई है।
उन्होंने कहा है कि जैसे ही ऑनलाइन यह सूचना उपलब्ध हो जाएगी, आईआईए एमएसएमई सेक्टर में प्रवासी श्रमिकों व बेरोजगारों को उनकी दक्षता के हिसाब से नियोजित कराने में मदद करेगा।
यूपी मूल के एक उद्यमी की महाराष्ट्र में प्रतिष्ठित ब्रांड की इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट की यूनिट है। उनका कहना है कि उनके लिफ्ट, केबिन फैन, लिफ्ट ब्लोअर, एक्झास्ट फैन, स्टनर रोटर मोटर व अन्य उत्पादों की घरेलू के साथ अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में अच्छी मांग है और केवल चीन व जर्मनी के उत्पाद ही प्रतिस्पर्धा में हैं।
भदोही निवासी एमएसएमई उद्यमी प्रकाश तिवारी ने प्रमुख सचिव एमएसएमई को लिखे मेल में कहा है कि वह अपनी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को मुंबई से अपने गृह राज्य यूपी में शिफ्ट कर अपने उद्यम व राज्य की प्रगति के लिए रोजगार सृजन को इच्छुक हैं।
उन्होंने किसी भी औद्योगिक क्षेत्र व प्रदेश के किसी भी जिले में इकाई स्थापना ने लिए जमीन दिलाने और किसी वितीय संस्था से आवश्यक ऋण दिलाने में मदद का आग्रह किया है।