हेरिटेज इकाई को लेकर भी नीति में कई प्रोत्साहन दिए गए हैं। हेरिटेज इकाई के मूल स्वरूप में बिना बदलाव लाए इकाई के संरक्षण, विस्तार, रेनोवेशन के जरिए हेरिटेज होटलों का संचालन करने वाले उद्यमियों को पूंजीगत निवेश के 25 प्रतिशत या अधिकतम 5 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। 5 करोड़ के ऋण पर 5 वर्ष तक 5 प्रतिशत तक का ब्याज अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। हेरिटेज इकाइयों को पूंजीगत एवं ब्याज अनुदान दोनों अनुमन्य होगा। हेरिटेज होटल की स्थापना या विस्तारीकरण हेतु क्रय की गई भूमि पर स्टांप ड्यूटी में छूट दिए जाने का प्रावधान है। वहीं हेरिटेज होटल की स्थापना हेतु भू उपयोग परिवर्तन आवश्यक होने पर ऐसा परिवर्तन निशुल्क किए जाने का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्रों में हेरिटेज होटलों के परिसर में बार लाइसेंस हेतु लाइसेंस शुल्क में 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति किए जाने का भी प्रावधान है। वहीं राज्य सरकार हेरिटेज होटल्स तक सर्वऋतु मार्ग तथा अतिक्रमण मुक्त लिंक रोड की व्यवस्था कराएगी। निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु विद्युत सब स्टेशन, ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था की जाएगी तथा आकर्षक साइनेज लगाए जाएंगे।
युवाओं में विकसित करेंगे पर्यटन की समझ
नीति में युवाओं एवं बच्चों में प्रारंभ से ही पर्यटन व संस्कृति की समझ, आवश्यक्ता तथा महत्व को विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत युवा पर्यटन क्लबों को देश में उत्तरदायी और सतत पर्यटन विकसित करने के साधन के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके अलावा राज्य में विभिन्न पर्यटन व्यवसायों द्वारा संचालित असाधारण पहलों और सेवा की गुणवत्ता को मान्यता प्रदान करने के लिए बेस्ट टूर ऑपरेटर, बेस्ट वेलनेस सेंटर, बेस्ट होटल, बेस्ट हेरिटेज होटल, बेस्ट इको टूरिज्म ऑपरेटर, बेस्ट इको रिसॉर्ट, बेस्ट होमस्टे, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर आदि राज्य पर्यटन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।