शहरी क्षेत्र में जहां-तहां कूड़ा फेंककर गंदगी व प्रदूषण फैलाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) ने शहरों में बढ़ते प्रदूषण पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रदेश सरकार को इस स्थिति पर सख्ती से कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। इसके बाद निदेशक स्थानीय निकाय शकुंतला गौतम ने सभी नगर निकायों को निर्देश जारी कर गंदगी व प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही उन पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश यह भी कहा है कि मेयर व चेयरमैन बोर्ड और सदन की बैठक में समय-समय पर इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए इस व्यवस्था को कड़ाई से पालन कराने के बारे में फैसला करें।
गौरतलब है कि शहरों को साफ-सुथरा रखने के साथ ही बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से सरकार ने कई नियम व अधिनियम बनाए हैं। इनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंध नियमावली, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, ई-वेस्ट प्रबंधन नियमावली, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली और जल प्रदूषण निवारण व नियंत्रण अधिनियम आदि शामिल है। इनमें गंदगी फैलाने वालों पर 500 से लेकर 5000 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी है।
इसी महीने कैबिनेट ने भी उप्र ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एवं स्वच्छता) नियमावली-2021 को भी मंजूरी दी है। मगर पहले की सभी नियमावली व अधिनियम के प्रावधानों का निकायों द्वारा कड़ाई से पालन न किए जाने से ये सभी सिर्फ कागजों पर ही लागू हैं। इस वजह से शहरों में प्रदूषण कम होने के बजाय दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। एनजीटी ने इस पर आपत्ति जताते हुए रोक लगाने का निर्देश दिया है।