कैबिनेट ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना में भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कोविड के मद्देनजर शेड्यूल-एच के प्रावधानों में 31 अक्तूबर तक ढील दी गई है।
कोविड महामारी के मद्देनजर ठेकेदारों के सामने कैशफ्लो की समस्या के समाधान के लिए यह कदम उठाया गया है। यूपीडा और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माणकर्ताओं के बीच अनुबंध के शेड्यूल-एच (कॉन्ट्रैक्ट प्राइज वेटेज) के शिथिलीकरण को 31 अक्तूबर तक बढ़ाया गया है। इससे काम की मात्रा कम होने पर भी भुगतान हो सकेगा।
प्रस्ताव से केंद्र व राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त व्यय भार नहीं आएगा। परियोजनाएं समय से पूरी हो सकेंगी। उधर, टीम-9 की बैठक में भी सीएम योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसे जून अंत तक पूरा कर लिया जाए। बलिया लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के काम में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सिविल अस्पताल में आठ मंजिला नए भवन बनने का रास्ता साफ
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में ओपीडी और वार्ड के साथ ही पार्किंग की समस्या से निजात मिलने वाली है। पुरानी ओपीडी के कमरों को ढहाने के लिए प्रदेश की कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई है। सिविल अस्पताल प्रशासन ने ओल्ड ओपीडी के
कमरा नंबर 13 से लेकर इलाहाबाद बैंक तक के भवन को ढहाने की अनुमति मांगी थी। इसके स्थान पर आठ मंजिला भवन तैयार करने की योजना है। आठ मंजिला भवन के पहले सात तल पर ओपीडी का संचालन होगा। जबकि आठवें तल पर प्रशासनिक भवन होगा। इस भवन की विशेषता दो तल की पार्किंग भी होगी। सिविल अस्पताल का यह भवन वर्ष 1955 का निर्मित है।
सूचना विभाग से भी मिला है स्थान
सिविल अस्पताल को सूचना विभाग से मिली जमीन पर तीन मंजिला भवन बनाना है। इस जमीन पर अस्पताल प्रशासन ने शासन को भेजे पत्र में तीन मंजिला भवन के अलावा दो मंजिला पार्किंग को शामिल करते हुए कुल पांच मंजिला भवन बनाने का अनुरोध किया है। सिविल में इस समय चार सौ बेड हैं। विस्तार के बाद इसमें चार सौ बेड और जुड़ जाएंगे। बलरामपुर चिकित्सालय 760 बेड क्षमता के साथ प्रदेश का पहला सबसे बड़ा जिला अस्पताल है। सिविल में यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी ओर कैथलैब की सुविधा शुरू करने की योजना है। साथ ही हीमोडायलिसिस तथा अति गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू की क्षमता भी करीब 50 बेड करने की योजना है। इसके प्रस्ताव शासन को पहले ही भेजे जा चुके हैं।