प्रदेश सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए संविदा शिक्षकों का वेतन बढ़ाने जा रही है। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर तक के पद शामिल हैं।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। इसमें 30 हजार से 53 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
सूबे में सरकारी क्षेत्र के 14 मेडिकल कॉलेज हैं। कई और मेडिकल संस्थान खुलने जा रहे हैं। सभी कॉलेजों व संस्थानों में शिक्षकों की बेहद कमी है।
जब तक उप्र लोक सेवा आयोग से नियमित भर्तियां नहीं होती तब तक मेडिकल कॉलेजों को संविदा शिक्षकों से काम चलाना है।लेकिन सरकारी कॉलेजों में वेतन कम होने से अच्छे शिक्षक नहीं मिल पाते।