प्रदेश में चुनाव से पहले कुछ और नए पुलिस कमिश्नरेट के गठन की उम्मीद कमजोर होती जा रही है। इसकी वजह अच्छे अफसरों की कमी बताई जा रही है।शासन में एक वर्ग चाहता है कि चुनाव से पहले कम से कम दो और नए कमिश्नरेट का गठन हो जाए, लेकिन ब्यूरोक्रेसी के कुछ अफसर इस कमी का हवाला देते हुए मामले को टाल रहे हैं।
दरअसल पुलिस कमिश्नरेट बनाने में लंबी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। एक तो ग्रामीण व शहरी क्षेत्र को अलग करने के साथ-साथ वहां के संसाधनों का बंटवारा करना पड़ता है। शहरी क्षेत्र में तो सबकुछ पहले से स्थापित होता है इसलिए यहां कोई दिक्कत नहीं आती। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र को अलग करने के बाद वहां कई तरह की दिक्कतें आने लगती हैं। वाराणसी व कानपुर जिले इन्हीं समस्याओं से जूझ रहे हैं। कहीं पुलिसकर्मियों की कमी है और तो कहीं अफसरों के बैठने के लिए जगह नहीं तय हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों को भी शहर में बैठना पड़ रहा है।
वाराणसी-कानपुर को पर्याप्त पुलिस कर्मी नहीं
प्रदेश में पुलिस कमिश्नरेट का पहला प्रयोग 13 जनवरी, 2020 को लखनऊ व नोएडा में किया गया। इन दोनों जिलों में अतिरिक्त अफसरों के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इसके बाद बने कानपुर व वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती तो की गई, लेकिन सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मियों की तैनाती लखनऊ-नोएडा की तरह नहीं हुई।
एडीजी रैंक के अफसरों की तलाश
प्रदेश में कहने को तो लगभग 50 अपर पुलिस महानिदेशक हैं। इनमें सात जोन और चार कमिश्नरेट में तैनात हैं। लखनऊ जोन के एडीजी एसएन साबत को डीजी रैंक पर प्रमोशन पाए एक माह हो गया है, लेकिन एक अदद एडीजी की तलाश पूरी नहीं हो सकी है। वाराणसी व बरेली के एडीजी की तैनाती भी लंबे समय से है। इन दोनों के बदले जाने की भी चर्चा है, लेकिन खाली होने वाले पदों पर किनकी तैनाती होगी, इस पर मंथन के बाद भी फैसला नहीं हो पा रहा है। ऐसे में नए कमिश्नरेट के लिए अधिकारियों का चयन कर पाना मुश्किल होगा।
मौजूदा कमिश्नरेट में कितने अफसर
कमिश्नरेट आईपीएस पीपीएस
लखनऊ 17 28
नोएडा 12 15
कानपुर नगर 11 15
वाराणसी 9 14
कमिश्नरेट में कितने अफसरों की पड़ती है जरूरत
पुलिस आयुक्त - 1 (एडीजी रैंक)
अपर/संयुक्त पुलिस आयुक्त- 2 (डीआईजी या आईजी रैंक)
पुलिस उपायुक्त- 10-12 (एसपी रैंक)
अपर पुलिस उपायुक्त 6-8 (अपर पुलिस अधीक्षक रैंक)
सहायक पुलिस आयुक्त- कमिश्नरेट में कुल थानों की संख्या के अनुपात में