राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की मुहिम के तहत यूपी पुलिस भ्रष्टाचार व वित्तीय अनियमितता के आरोपियों को देश के साथ ही विदेशों में भी तलाश रही है। इसके तहत ईओडब्ल्यू ने बाइक बोट घोटाले में 16 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। जबकि एक आरोपी के खिलाफ रेडकार्नर नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह पहली बार धान खरीद में लंदन में गिरफ्तार आरोपी के प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू की गई है।
ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी ने बताया कि जिन 16 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। इनमें से तीन को विभिन्न एयरपोर्ट पर रोककर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की गई। बाइक बोट घोटाले के आरोपी बिजेंद्र हुड्डा के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने सीबीआई से समन्वय कर रेड कार्नर नोटिस जारी किया है। बुश फूड्स प्रा. लि. के निदेशकों द्वारा एक करोड़ 76 लाख की धान खरीद घोटाले में आरोपी वीर करन अवस्थी और रितिका अवस्थी के खिलाफ यूनाइटेड किंगडम से प्रत्यर्पण की कार्यवाही कराई गई। दोनों को लाने के लिए यूके के कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
उन्होंने बताया कि ईओडब्ल्यू की अब तक की जांच में 175 सरकारी अधिकारी व कर्मचारी और निजी संस्थाओं के 177 आरोपी भ्रष्ट मिले हैं। इनमें से 45 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं के दोषी दो अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने के लिए संस्तुति शासन को भी भेजी गई है।
सवा चार साल में 750 मामलों की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी
गृह विभाग के अनुसार शासन ने सवा चार साल में करीब साढ़े सात सौ मामलों की जांच ईओडब्ल्यू को दी है। इसके साथ ही 371 आरोपियों के खिलाफ कानून कार्यवाही की स्वीकृति भी दी है। ईओडब्ल्यू की जांच में तेजी लाने के लिए लखनऊ, कानपुर, मेरठ और वाराणसी में अलग से थाने खोले गए हैं। सूत्रों के अनुसार ईओडब्ल्यू के इतिहास में पहली बार वर्ष 2017 में 74, वर्ष 2018 में 175, वर्ष 2019 में 239, वर्ष 2020 में कोरोना काल के बावजूद 100 और वर्ष 2021 में जून तक 52 मामलों का निस्तारण किया गया है।