2002 में प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 9 करोड़ 97 लाख थी। 2007 के चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 11 करोड़ 35 लाख हो गई। 2012 में यह संख्या 12 करोड़ 74 लाख और 2017 के चुनाव में यह संख्या बढ़ कर 14 करोड़ 16 लाख हो गई।
मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के बाद बुधवार को इसका अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। आयोग की ओर से बुधवार को तीन बजे प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी जाएगी।
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पिछले दिनों आयोग की ओर से की गई प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया था कि इस बार के चुनाव में 15 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदाता सूची का प्रकाशन बूथों के साथ साथ भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी किया जाएगा। मतदाता अपना नाम www.ceouttarpradesh.nic.in या www.eci.gov.in पर चेक कर सकते हैं। पिछले 2002 से लेकर अब तक की बात करें तो 2002 में प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 9 करोड़ 97 लाख थी। 2007 के चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 11 करोड़ 35 लाख हो गई। 2012 में यह संख्या 12 करोड़ 74 लाख और 2017 के चुनाव में यह संख्या बढ़ कर 14 करोड़ 16 लाख हो गई।
प्रकाशन के बाद भी मिलेगा नाम जुड़वाने या कटवाने का मौका
आयोग की ओर से यह साफ किया जा चुका है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भी अगर किसी का नाम छूट जाता है तो उसे मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का मौका दिया जाएगा। संबंधित विधानसभा क्षेत्र का मतदाता नामांकन प्रक्रिया शुरू से पहले तक अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकता है। इसके लिए वह चुनाव आयोग की वेबसाइट या जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पर फार्म जमा करा सकता है।