समाजवादी पार्टी ने सियासी रणनीति बदल दी है। अवध और पूर्वांचल में प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव स्टार प्रचारक होंगे। वह अलग- अलग विधानसभा क्षेत्र में जनसभाएं करेंगे। इसी तरह स्वामी प्रसाद मौर्य, डा. राजपाल कश्यप और संजय चौहान सहित अन्य नेता अपनी बिरादरी वाले क्षेत्र में डेरा डालेंगे।
समाजवादी पार्टी ने चुनाव शुरू होते ही 30 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की थी। इसके बाद भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अकेले चुनाव प्रचार में जुड़े रहे। तीसरे चरण में मुलायम सिंह यादव भी करहल में जनसभा किए। इस क्षेत्र में प्रो. रामगोपाल यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी डटे रहे। सूत्र बताते हैं कि तीसरे चरण के मतदान से पहले प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव अगल- बगल के जिलों में भी डैमेज कंट्रोल में जुटे।
नाराज चल रहे कई नेताओं से बातचीत कर सरकार बनाने में सहयोग मांगा। ये नेता इटावा ही नहीं फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया जिले के भी थे। पार्टी के रणनीतिकारों का दावा है कि अब अवध और पूर्वांचल में प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतरेंगे। वह विधानसभा क्षेत्रवार जनसभाओं को संबोधित करेंगे और भविष्य की रणनीति तैयार करेंगे।
इसी तरह सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजपाल कश्यप और जनवादी पार्टी के अध्यक्ष संजय चौहान को उनकी जातीय बहुलता वाले इलाके में उतारा गया है। इन नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए निजी हेलीकाप्टर भी उपलब्ध कराए गए हैं।
अति पिछड़ों पर विशेष निगाह
समाजवादी पार्टी मतदान से ठीक पहले अति पिछड़ों पर विशेष तौर पर फोकस किया है। सपा के परंपरागत वोटबैंक यादव, मुस्लिमों की गोलबंदी है, लेकिन यादव बिरादरी से प्रतिस्पर्धा रखने वाली कुछ जातियां के छिटकने की जानकारी मिली है।
कुर्मी, चौहान, पाल, मौर्य, कुम्हार, लोहार, निषाद आदि जातियां जिन विधानसभा क्षेत्र में दूसरी पार्टी ने संबंधित बिरादरी का उम्मीदवार उतारा है, वे सपा के बजाय उस पार्टी के साथ जुड़ते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सपा इन जातियों को अपने पक्ष में लामबंद रखने के लिए वहां संबंधित जाति के नेताओँ को तैनात कर रही है। ये मतदान तक संबंधित विधानसभा क्षेत्र में रहकर अपनी जाति के बीच ही कार्य करेंगे।