रालोद में चल रहे घमासान का असर साफ नजर आ रहा है। छपरौली का टिकट घोषित करने के बाद प्रत्याशी बदल दिया गया। उधर, सिवालखास में टिकट को लेकर पूरी तरह से घमासान है। बुधवार को रालोद ने दो सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं।सपा-रालोद गठबंधन में टिकटों को लेकर उठापटक जारी है। रालोद पर इस समय दो दबाव हैं। एक तो कई सीटें ऐसी हैं, जो लाख कोशिशों के बावजूद रालोद के हिस्से में नहीं आ पा रही हैं। अगर आ भी रही हैं तो उन पर सपा के उम्मीदवार को ही सिंबल बदलकर लड़ाया जा रहा है।
मांट सीट पर इसका परिणाम सामने आ गया है। वहां से भी संजय लाठर के रूप में प्रत्याशी बदलने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा छपरौली सीट पर बदलाव हो गया। यहां पूर्व विधायक वीरपाल राठी को टिकट दिया गया था, पर बुधवार सुबह पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार को वहां से टिकट दे दिया गया। अब इसका भी विरोध शुरू हो गया और वीरपाल के समर्थकों ने दिल्ली जाकर पार्टी अध्यक्ष चौधरी जयंत के आवास पर डेरा डाल दिया है। वीरपाल कहते हैं कि आपसी संघर्ष के कारण टिकट बदला गया है। यह ठीक नहीं। उधर, मुजफ्फरनगर से भी टिकट घोषित किया गया। यहां से सौरभ स्वरूप को टिकट दिया गया है और वैश्यों को साधने की कोशिश की गई है।
उधर, सिवालखास सीट पर विरोध जारी है। वहां से सपा के पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद को रालोद के सिंबल पर प्रत्याशी घोषित किया गया है। इस पर रालोद नेता डॉ. राजकुमार सागवान के समर्थक दिल्ली पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि टिकट बदला जाए और सागवान को दिया जाए।
वहीं, रालोद में एक मांग यह भी उठने लगी है कि कम से कम दो सीटों पर दबाव कम करने के लिए जयंत और उनकी पत्नी चारु दोनों ही चुनावी मैदान में उतर जाएं। हालांकि इसकी संभावना बेहद कम हैं। क्योंकि जयंत पहले ही साफ कर चुके हैं कि न तो वह और न ही उनकी पत्नी चुनाव लड़ेंगी।