रविवार को पांचवें चरण की 61 सीटों के मतदान में ज्यादातर सीटों पर सीधी लड़ाई हुई। कुछ सीटों पर बसपा व कांग्रेस प्रत्याशियों ने त्रिकोण बनाया है। इसका नतीजों पर असर नजर आएगा। कुछ सीटों पर मतदान के ठीक पहले घटी कुछेक घटनाओं का असर भी मतदान के दौरान दिखा है। इसका किसी को फायदा तो किसी को नुकसान उठाना पड़ा है। कई सीटों पर प्रत्याशियों की छवि ने भी असर दिखाया है। लेकिन, मुस्लिम व यादवों की एकजुटता के बीच प्रत्याशियों की जाति-बिरादरी के अनुसार मतों का बिखराव, मुफ्त राशन व बेहतर कानून-व्यवस्था का फैक्टर एक समान हर जगह हावी नजर आया। चुनाव प्रचार में जोर-शोर से उठाए जाने वाले मुद्दे मतदान में ज्यादा प्रभावी नहीं दिखे। हालांकि, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने से जुड़े फैक्टर का कहीं-कहीं प्रभाव नजर आया। कई सीटों पर प्रचार तक दूसरा प्रभावी नजर आ रहा था, मतदान के दिन किसी दूसरे का पलड़ा भारी नजर आया।
अयोध्या : कई सीटों पर उलटफेर की संभावना
राम मंदिर को लेकर सुर्खियों में छाई रहने वाली अयोध्या में पांच सीटें हैं। यहां कई सीटों पर उलटफेर हो सकता है। अयोध्या सदर में भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता व सपा प्रत्याशी तेज नरायन पांडेय उर्फ पवन पांडेय के बीच कांटे की टक्कर नजर आई। गोसाईंगंज में पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी व सपा प्रत्याशी अभय सिंह की सीधी लड़ाई में बसपा प्रत्याशी राम सागर वर्मा कई क्षेत्रों में तगड़ा त्रिकोण बनाते नजर आए हैं। कुर्मी मतों का बिखराव भी यहां हुआ है। रुदौली में भाजपा विधायक राम चंद्र यादव, सपा के आनंद सेन यादव व बसपा के अब्बास अली जैदी के बीच त्रिकोण बनता दिखा। मिल्कीपुर में पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद व भाजपा विधायक बाबा गोरखनाथ तथा बीकापुर में भाजपा के अमित सिंह चौहान व सपा के फिरोज खान गब्बर के बीच कड़ा मुकाबला होता दिखा।