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यूपी का रण : पांचवें चरण की ज्यादातर सीटों पर भाजपा-सपा में टक्कर, कई पर त्रिकोणीय लड़ाई

महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 28 Feb 2022 02:36 AM IST

सार

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने से जुड़े फैक्टर का कहीं-कहीं प्रभाव नजर आया। कई सीटों पर प्रचार तक दूसरा प्रभावी नजर आ रहा था, मतदान के दिन किसी दूसरे का पलड़ा भारी नजर आया।
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मतदान के लिए लाइन में लगे लोग। - फोटो : अमर उजाला

रविवार को पांचवें चरण की 61 सीटों के मतदान में ज्यादातर सीटों पर सीधी लड़ाई हुई। कुछ सीटों पर बसपा व कांग्रेस प्रत्याशियों ने त्रिकोण बनाया है। इसका नतीजों पर असर नजर आएगा। कुछ सीटों पर मतदान के ठीक पहले घटी कुछेक घटनाओं का असर भी मतदान के दौरान दिखा है। इसका किसी को फायदा तो किसी को नुकसान उठाना पड़ा है। कई सीटों पर प्रत्याशियों की छवि ने भी असर दिखाया है। लेकिन, मुस्लिम व यादवों की एकजुटता के बीच प्रत्याशियों की जाति-बिरादरी के अनुसार मतों का बिखराव, मुफ्त राशन व बेहतर कानून-व्यवस्था का फैक्टर एक समान हर जगह हावी नजर आया। चुनाव प्रचार में जोर-शोर से उठाए जाने वाले मुद्दे मतदान में ज्यादा प्रभावी नहीं दिखे। हालांकि, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने से जुड़े फैक्टर का कहीं-कहीं प्रभाव नजर आया। कई सीटों पर प्रचार तक दूसरा प्रभावी नजर आ रहा था, मतदान के दिन किसी दूसरे का पलड़ा भारी नजर आया।

अयोध्या : कई सीटों पर उलटफेर की संभावना
राम मंदिर को लेकर सुर्खियों में छाई रहने वाली अयोध्या में पांच सीटें हैं। यहां कई सीटों पर उलटफेर हो सकता है। अयोध्या सदर में भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता व सपा प्रत्याशी तेज नरायन पांडेय उर्फ पवन पांडेय के बीच कांटे की टक्कर नजर आई। गोसाईंगंज में पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी व सपा प्रत्याशी अभय सिंह की सीधी लड़ाई में बसपा प्रत्याशी राम सागर वर्मा कई क्षेत्रों में तगड़ा त्रिकोण बनाते नजर आए हैं। कुर्मी मतों का बिखराव भी यहां हुआ है। रुदौली में भाजपा विधायक राम चंद्र यादव, सपा के आनंद सेन यादव व बसपा के अब्बास अली जैदी के  बीच त्रिकोण बनता दिखा। मिल्कीपुर में पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद व भाजपा विधायक बाबा गोरखनाथ तथा बीकापुर में भाजपा के अमित सिंह चौहान व सपा के फिरोज खान गब्बर के बीच कड़ा मुकाबला होता दिखा।



गोंडा: गौरा छोड़ सभी सीटों पर सपा-भाजपा में सीधी टक्कर
जिले में विधानसभा की 7 सीटें हैं। गोंडा सदर में कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे व भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह व पूर्व मंत्री स्व. विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह के भतीजे सूरज सिंह के बीच सीधा मुकाबला हुआ। यहां मतदान से पहले दो-तीन दिनों में दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच जगह-जगह हुए विवाद भी चर्चा में रहे। यहां सवर्णों के मतों के बिखराव, सांसद के प्रभाव व सपा प्रत्याशी के पक्ष में सहानुभूति का फैक्टर भी दिखा। इसी तरह कर्नलगंज में मतदान से पहले की रात में सपा व भाजपा समर्थकों के विवाद में सपा प्रत्याशी के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। मतदान के दौरान यह चर्चा का विषय रहा। यहां सपा प्रत्याशी व पूर्व राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह व भाजपा प्रत्याशी अजय सिंह के बीच सीधी लड़ाई हुई। यहां दो दिन पहले तक क्षेत्रवाद का मुद्दा जो चरम पर था, विवाद ने उसे थोड़ा कमजोर करने का काम किया। मनकापुर में समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री को सपा के रमेश गौतम से सीधी चुनौती मिली है। पर, पूर्व विधायक बाबूलाल की पुत्री व कांग्रेस प्रत्याशी संतोष कुमारी का भी कई इलाकों में प्रभाव नजर आया। यहां की हार-जीत में संतोष का वोट अहम भूमिका अदा कर सकता है। गौरा में भाजपा विधायक प्रभात वर्मा की कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व विधायक राम प्रताप से सीधी लड़ाई नजर आई। सपा प्रत्याशी संजय विद्यार्थी यहां त्रिकोण बनाते नजर आए। तरबगंज में भाजपा के प्रेम नरायन पांडेय व सपा के राम भजन चौबे, मेहनौन में सपा की नंदिता शुक्ला व भाजपा के विनय कुमार द्विवेदी और कटरा बाजार में भाजपा के बावन सिंह व सपा के बैजनाथ दूबे के बीच सीधा मुकाबला नजर आया। इन सीटों पर बसपा प्रत्याशी कुछ क्षेत्रों में ही त्रिकोण बनाते दिखे।

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रविवार को पांचवें चरण की 61 सीटों के मतदान में ज्यादातर सीटों पर सीधी लड़ाई हुई। कुछ सीटों पर बसपा व कांग्रेस प्रत्याशियों ने त्रिकोण बनाया है। इसका नतीजों पर असर नजर आएगा। कुछ सीटों पर मतदान के ठीक पहले घटी कुछेक घटनाओं का असर भी मतदान के दौरान दिखा है। इसका किसी को फायदा तो किसी को नुकसान उठाना पड़ा है। कई सीटों पर प्रत्याशियों की छवि ने भी असर दिखाया है। लेकिन, मुस्लिम व यादवों की एकजुटता के बीच प्रत्याशियों की जाति-बिरादरी के अनुसार मतों का बिखराव, मुफ्त राशन व बेहतर कानून-व्यवस्था का फैक्टर एक समान हर जगह हावी नजर आया। चुनाव प्रचार में जोर-शोर से उठाए जाने वाले मुद्दे मतदान में ज्यादा प्रभावी नहीं दिखे। हालांकि, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने से जुड़े फैक्टर का कहीं-कहीं प्रभाव नजर आया। कई सीटों पर प्रचार तक दूसरा प्रभावी नजर आ रहा था, मतदान के दिन किसी दूसरे का पलड़ा भारी नजर आया।

अयोध्या : कई सीटों पर उलटफेर की संभावना
राम मंदिर को लेकर सुर्खियों में छाई रहने वाली अयोध्या में पांच सीटें हैं। यहां कई सीटों पर उलटफेर हो सकता है। अयोध्या सदर में भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता व सपा प्रत्याशी तेज नरायन पांडेय उर्फ पवन पांडेय के बीच कांटे की टक्कर नजर आई। गोसाईंगंज में पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी व सपा प्रत्याशी अभय सिंह की सीधी लड़ाई में बसपा प्रत्याशी राम सागर वर्मा कई क्षेत्रों में तगड़ा त्रिकोण बनाते नजर आए हैं। कुर्मी मतों का बिखराव भी यहां हुआ है। रुदौली में भाजपा विधायक राम चंद्र यादव, सपा के आनंद सेन यादव व बसपा के अब्बास अली जैदी के  बीच त्रिकोण बनता दिखा। मिल्कीपुर में पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद व भाजपा विधायक बाबा गोरखनाथ तथा बीकापुर में भाजपा के अमित सिंह चौहान व सपा के फिरोज खान गब्बर के बीच कड़ा मुकाबला होता दिखा।

गोंडा: गौरा छोड़ सभी सीटों पर सपा-भाजपा में सीधी टक्कर
जिले में विधानसभा की 7 सीटें हैं। गोंडा सदर में कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे व भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह व पूर्व मंत्री स्व. विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह के भतीजे सूरज सिंह के बीच सीधा मुकाबला हुआ। यहां मतदान से पहले दो-तीन दिनों में दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच जगह-जगह हुए विवाद भी चर्चा में रहे। यहां सवर्णों के मतों के बिखराव, सांसद के प्रभाव व सपा प्रत्याशी के पक्ष में सहानुभूति का फैक्टर भी दिखा। इसी तरह कर्नलगंज में मतदान से पहले की रात में सपा व भाजपा समर्थकों के विवाद में सपा प्रत्याशी के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। मतदान के दौरान यह चर्चा का विषय रहा। यहां सपा प्रत्याशी व पूर्व राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह व भाजपा प्रत्याशी अजय सिंह के बीच सीधी लड़ाई हुई। यहां दो दिन पहले तक क्षेत्रवाद का मुद्दा जो चरम पर था, विवाद ने उसे थोड़ा कमजोर करने का काम किया। मनकापुर में समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री को सपा के रमेश गौतम से सीधी चुनौती मिली है। पर, पूर्व विधायक बाबूलाल की पुत्री व कांग्रेस प्रत्याशी संतोष कुमारी का भी कई इलाकों में प्रभाव नजर आया। यहां की हार-जीत में संतोष का वोट अहम भूमिका अदा कर सकता है। गौरा में भाजपा विधायक प्रभात वर्मा की कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व विधायक राम प्रताप से सीधी लड़ाई नजर आई। सपा प्रत्याशी संजय विद्यार्थी यहां त्रिकोण बनाते नजर आए। तरबगंज में भाजपा के प्रेम नरायन पांडेय व सपा के राम भजन चौबे, मेहनौन में सपा की नंदिता शुक्ला व भाजपा के विनय कुमार द्विवेदी और कटरा बाजार में भाजपा के बावन सिंह व सपा के बैजनाथ दूबे के बीच सीधा मुकाबला नजर आया। इन सीटों पर बसपा प्रत्याशी कुछ क्षेत्रों में ही त्रिकोण बनाते दिखे।

श्रावस्ती : श्रावस्ती में त्रिकोणीय व भिनगा में सीधी लड़ाई

मतदान के लिए लाइन में लगे लोग। - फोटो : अमर उजाला
यहां दो सीटें हैं। श्रावस्ती सीट पर भाजपा विधायक रामफेरन पांडेय, सपा से निवर्तमान विधायक मो. असलम रायनी और बसपा की नीतू मिश्रा के बीच तगड़ी त्रिकोणीय लड़ाई हुई है। पूर्व विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी हाजी मो. रमजान भी कुछ क्षेत्रों में लड़ते दिखे हैं। भिनगा सीट पर भाजपा से पूर्व सांसद पदमसेन चौधरी व सपा प्रत्याशी इंद्राणी वर्मा के बीच सीधी लड़ाई हुई। यहां कुर्मी व दलित मतों में बिखराव का असर नतीजों पर दिखने की उम्मीद है।

बहराइच : कैसरगंज व नानपारा में मुस्लिम प्रत्याशियों का प्रदर्शन अहम
यहां सात सीटें हैं। कैसरगंज व नानपारा में कई इलाकों में मुस्लिम मतों का बिखराव नजर आया। कैसरगंज में सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा के बेटे गौरव वर्मा तथा सपा के आनंद यादव व बसपा के बकाउल्ला के बीच त्रिकोणीय लड़ाई हुई है। इसी तरह नानपारा में बसपा के हकीकत अली भी मुस्लिम मतों में सेंध लगाते नजर आए। यहां अपना दल (एस) के राम निवास वर्मा व पूर्व विधायक माधुरी वर्मा की सीधी लड़ाई में हकीकत अली का प्रदर्शन अहम साबित हो सकता है। बहराइच सीट से पूर्व मंत्री व भाजपा प्रत्याशी अनुपमा जायसवाल का मुकाबला पूर्व मंत्री यासर शाह से हुआ। शहर में यासर का प्रभाव दिखा, तो ग्रामीण क्षेत्र में अनुपमा जोरदारी से लड़ती दिखीं। पयागपुर में भाजपा के सुभाष त्रिपाठी व सपा के मुकेश श्रीवास्तव के बीच सीधा मुकाबला नजर आया। यहां सुभाष के बेटे निशंक की कार्यशैली कई जगह चर्चा में रही। मटेरा में पूर्व मंत्री यासर शाह की पत्नी मारिया शाह व भाजपा के पूर्व विधायक अरुणवीर सिंह के बीच मुकाबला हुआ है। यहां बसपा के आकिब खान केप्रदर्शन से तय होगा बाजी सपा या भाजपा किसके पक्ष में जा सकती है। महसी में भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह व सपा से पूर्व विधायक केके ओझा के बीच दिख रही सीधी जंग को बसपा के दिनेश शुक्ला ने उलझा दिया है। बलहा में भाजपा विधायक सरोज सोनकर की सपा के अक्षयवर नाथ कनौजिया से कांटे की जंग बताई गई है।

अमेठी : कांग्रेस का भी दिखा प्रभाव

इस जिले में चार सीटें हैं। अमेठी में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महराजी देवी, भाजपा के पूर्व सांसद संजय सिंह तथा कांग्रेस के आशीष शुक्ला के बीच अच्छी जोर-आजमाइश चलती दिखी। इसी तरह गौरीगंज में सपा के  राकेश प्रताप सिंह व भाजपा के चंद्र प्रकाश मिश्र की सीधी लड़ाई में कांग्रेस के फतेह बहादुर त्रिकोण बनाते की कोशिश करते नजर आए। तिलोई में मयंकेश्वर शरण सिंह को सपा के मो. नईम व कांग्रेस के प्रदीप सिंघल से अलग-अलग क्षेत्रों में तगड़ी चुनौती मिली है। जगदीशपुर में राज्यमंत्री सुरेश पासी, सपा के विमलेश सरोज व कांग्रेस के विजय पासी में एससी मतों में अच्छा बंटवारा हुआ है। यहां सवर्ण जीत-हार में मुख्य भूमिका निभाएंगे।

सुल्तानपुर : प्रचार तक किसी का, मतदान में किसी और का भी दिखा जोर
यहां कुल पांच सीटें हैं। प्रचार तक कई सीटों पर जो प्रत्याशी मजबूत नजर आ रहे थे, मतदान के दिन मतदाताओं का झुकाव दूसरे की ओर नजर आया। सुल्तानपुर में भाजपा के विनोद सिंह व सपा के अनूप संडा के बीच सीधी लड़ाई हुई है। बसपा प्रत्याशी का पूर्व की तरह दबदबा नजर नहीं आया। इसौली में भाजपा के ओमप्रकाश पांडेय, सपा के मो. ताहिर खान व बसपा के यशभद्र सिंह के बीच कड़ा मुकाबला हुआ है। लंभुआ में भाजपा विधायक सीताराम वर्मा व सपा के संतोष पांडेय के बीच सीधा नजर आ रहा मुकाबला बसपा के अवनीश सिंह गुड्डू ने उलझा दिया है। अवनीश कई इलाकों में अच्छी लड़ाई देते नजर आए। कादीपुर में भाजपा के राजेश गौतम व सपा के भगेलू राम के बीच सीधी लड़ाई हुई है। यहां सवर्ण मतदाताओं का रुख अहम होगा। सदर सीट पर प्रमुख दलों से भाजपा से राज प्रसाद उपाध्याय ब्राह्मण उम्मीदवार, तो सपा से ओपी सिंह और कांग्रेस से अभिषेक सिंह राणा क्षत्रिय उम्मीदवार थे। यहां तीन सवर्ण प्रत्याशियों के बीच सपा के अरुण वर्मा की लड़ाई दिलचस्प हो गई।

बाराबंकी : दरियाबाद में पूर्व मंत्री के बेटे व जैदपुर में तनुज से तय होगी हार-जीत

जिले में छह सीटें हैं, जिनमें कई पर त्रिकोणीय लड़ाई दिखी। बाराबंकी में भाजपा की डॉ. राम कुमारी मौर्या व सपा के धर्मराज सिंह यादव के बीच बसपा के डॉ. विवेक मौर्या कई क्षेत्रों में मुकाबले को त्रिकोणीय बनाते नजर आए। जैदपुर में भाजपा के अंबरीश रावत व सपा के गौरव रावत के बीच कांग्रेस के तनुज पुनिया ने त्रिकोण बना दिया है। कुर्सी सीट पर भाजपा विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा की सपा के राकेश वर्मा से सीधी लड़ाई हुई है। इसी तरह रामनगर में भाजपा शरद अवस्थी व सपा केफरीद महफूज किदवई के बीच मुकाबला हुआ है। दरियाबाद में भाजपा के सतीश चंद्र वर्मा व सपा के पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप के बीच सीधे मुकाबले में निर्दल रीतेश सिंह का प्रदर्शन अहम हो गया है। रीतेश पूर्व मंत्री राजीव कुमार सिंह के पुत्र हैं। सपा से टिकट कटने के बाद पूर्व मंत्री की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। रीतेश निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे हैं। कई क्षेत्रों में वह सहानुभूति मत पाते नजर आए। कई जगह बसपा प्रत्याशी जग प्रसाद भी वोट बटोरते दिखे। हैदरगढ़ में भाजपा के दिनेश रावत व सपा केराम मगन रावत के बीच सजातीय मतों का बंटवारा दिखा है। यहां ठाकुर-ब्राह्मण व कुर्मी जीत-हार की पटकथा लिखेंगे।

प्रयागराज : सभी सीटों पर कांटे की टक्कर
प्रयागराज में 12 सीटें हैं। ज्यादातर सीटों पर भाजपा और सपा के बीच सीधी लड़ाई दिखी। बारा में बसपा ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। कोरांव सीट पर भाजपा, सपा के साथ ही बसपा और कांग्रेस भी मैदान में दिखी। शहर की तीन विधानसभा सीटों पर मुकाबला ज्यादा रोचक दिख रहा है। दो सीटों पर भाजपा की सपा से सीधी टक्कर नजर आई। दक्षिणी में विकास का मुद्दा हावी दिखा तो पश्चिमी में मतदाता धर्म-जाति के आधार पर बंटे नजर आए। शहर उत्तरी एकमात्र सीट ऐसी दिखी, जहां कांग्रेस मुकाबले में नजर आई। इसके अलावा फाफामऊ सीट पर स्थानीय मुद्दों को लेकर वोट पड़े। यहां दो पूर्व विधायकों के मैदान में उतरने के कारण भाजपा, सपा में कांटे की टक्कर देखने को मिली। सोरांव में भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) और सपा के बीच मुकाबला रहा।  हंडिया, फूलपुर, प्रतापपुर, करछना, मेजा सीट पर भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर रही।

प्रतापगढ़ : कहीं भाजपा-सपा में तो कहीं त्रिकोणीय लड़ाई

प्रतापगढ़ की सात सीटों में से कई जगह सपा व भाजपा में सीधी टक्कर दिखाई दी। कुंडा सीट पर सपा और जनसत्ता दल में मुकाबला हुआ, जबकि बाबागंज सीट पर जनसत्ता दल, भाजपा, सपा में त्रिकोणीय लड़ाई रही। लालगंज सीट पर कांग्रेस और भाजपा में मुकाबला दिखाई दिया, विश्वनाथगंज में अपना दल (एस) व भाजपा गठबंधन, सपा और निर्दलीय प्रत्याशी संजय पांडेय में त्रिकोणीय लड़ाई रही। सदर सीट पर अपना दल कमेरावादी सपा गठबंधन और भाजपा में सीधी लड़ाई दिखी, जबकि रानीगंज में सपा-भाजपा और पट्टी सीट पर सपा-भाजपा में मुकाबला दिखाई दिया।

कौशांबी में कांटे का संघर्ष
कौशांबी के सिराथू में भाजपा व सपा में कांटे का मुकाबला हुआ। यहां से प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मैदान मे हैं तो सपा-अपना दल (कमेरावादी) गठबंधन की पल्ववी पटेल उन्हें चुनौती देती दिखीं। चायल सीट पर अपना दल भाजपा गठबंधन, बसपा व सपा में त्रिकोणीय मुकाबला रहा मंझनपुर में सपा व भाजपा में ही टक्कर दिखाई दी।

चित्रकूट :  भाजपा-सपा में टक्कर
यहां दो सीटें हैं। चित्रकूट और मऊ दोनों सीटों पर भाजपा-सपा में सीधा मुकाबला दिखा।
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