राहुल गांधी और अखिलेश यादव
- फोटो : एक्स
भाजपा के साथ सपा, कांग्रेस आदि दल भी दलित वोट बैंक को अपने पाले में करने की जुगत में लगे हैं। सपा और इंडिया गठबंधन का पीडीए फॉर्मूला भी दलित वोट बैंक के बिना अधूरा है। वहीं हरियाणा चुनाव में भाजपा की जीत से साफ हो गया है कि दलितों के बीच में पैठ जमाने के लिए उसने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जीत का हथियार बनाया। कहना गलत न होगा कि दलितों की कई उप जातियों ने भाजपा को इस मुद्दे पर समर्थन भी दिया।
यही वजह है कि प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हरियाणा सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का स्वागत करते हुए कहा कि आरक्षण का लाभ उन वंचितों तक पहुंचना जरूरी है, जो 75 साल बाद भी हमारे ही समाज का एक बड़ा हिस्सा होने के बावजूद बहुत पीछे रह गया था। उसे आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी सभी दलों की है। इसका विरोध अस्वीकार्य है। हरियाणा सहित भाजपा सरकारें,सबका साथ, सबका विकास, के मार्ग पर पीएम मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं।