प्रदेश सरकार ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) में दो से चार वर्ष से लंबित चार भर्तियों में आरक्षण का पेंच सुलझा दिया है। तय हुआ है कि एक फरवरी, 2019 तक जो परीक्षाएं आयोजित नहीं हो सकीं, उनमें भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थियों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया जाए। अड़चन खत्म होने के बाद आयोग इन भर्तियों को आगे बढ़ा सकेगा।
दरअसल, कार्मिक विभाग ने 18 फ रवरी, 2019 को एक शासनादेश जारी कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था। इसमें कहा गया था कि लोक सेवाओं और पदों की सभी श्रेणियों में सीधी भर्ती पर आरक्षण की यह व्यवस्था 1 फरवरी, 2019 या इसके बाद अधिसूचित/ विज्ञापित होने वाली रिक्तियों पर लागू होगी। इस शासनादेश को अधिनियम का हिस्सा मानकर अधिनियम की धारा-13 में यह व्यवस्था उन रिक्तियों पर भी प्रभावी कर दी गई जो 1 फरवरी, 2019 से पूर्व विज्ञापित कर दिए गए, लेकिन उनकी परीक्षा इस तिथि के बाद आयोजित की गई है या की जानी प्रस्तावित है।
ऐसे में आयोग यदि 18 फरवरी के शासनादेश पर अमल करता तो आर्थिक आरक्षण लागू न होता। यदि अधिनियम की धारा-13 के अंतर्गत प्रावधानों को लागू करता तो लंबित भर्तियों में एक फरवरी 2019 के बाद होने वाली लिखित परीक्षा/साक्षात्कार में आर्थिक आरक्षण लागू होता। इस परस्पर विरोधी प्रावधानों के चलते आयोग 4 भर्तियों को आगे नहीं बढ़ा पा रहा था। ‘अमर उजाला’ ने 11 नवंबर, 2020 के अंक में इस विसंगति को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
शासन ने स्पष्टीकरण देने में लगा दिए साढ़े चार महीने
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) में दो से चार वर्ष से लंबित चार भर्तियों में आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण का पेंच सुलझने में करीब साढ़े चार महीने लग गए। ‘अमर उजाला’ ने 11 नवंबर, 2020 के अंक में इस विसंगति को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। आयोग के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने नवंबर में ही शासन को पूरी स्थिति की जानकारी देते हुए मार्गदर्शन मांगा था। पर, शासन में यह निर्णय लालफीताशाही में उलझ गया। कई महीने तक इस पर निर्णय नहीं हुआ तो ‘अमर उजाला’ ने एक मार्च के अंक में इस प्रकरण को फिर उठाया। अब शासन ने इस पर निर्णय लेकर राय से आयोग को अवगत करा दिया है। शासन ने आयोग के पत्र पर राय देने में साढ़े चार महीने से अधिक समय लगा दिया। इस फैसले से इन भर्तियों के हजारों आवेदकों को बड़ी राहत मिली है।
इन भर्तियों को आगे बढ़ा सकेगा आयोग
- सम्मिलित तकनीकी सेवा (सामान्य चयन) परीक्षा, 2016। सात नवंबर, 2016 को पद विज्ञापित। लिखित परीक्षा होनी है।
- सम्मिलित अवर अभियंता एवं उप वास्तुविद (सामान्य चयन) प्रतियोगात्मक परीक्षा, 2016 (दो)। 27 दिसंबर 2016 को विज्ञापन। लिखित परीक्षा होनी है।
- सम्मिलित अवर अभियंता, संगणक एवं फोरमैन (सामान्य चयन) प्रतियोगिता परीक्षा 2018। 30 अक्तूबर 2018 को पद विज्ञापित। लिखित परीक्षा अभी नहीं हुई है।
- राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद संयुक्त संवर्ग प्रतियोगितात्मक परीक्षा, 2018। 28 दिसंबर 2018 को पद विज्ञापित। लिखित परीक्षा होनी है।