यूपी में बृहस्पतिवार को 2600 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। मात्र 24 घंटे में मरीजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई। बुधवार को 1230 नए मरीज मिले थे। लेकिन लगभग 67 हजार नमूनों की ही जांच हुई थी। जबकि 24 घंटे बाद 124135 नमूनों की जांच की गई है। प्रदेश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढक़र 11918 हो गई है। नौ संक्रमित मरीजों की मौत भी हुई है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बृहस्पतिवार को लोक भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि प्रदेश में अब तक 619783 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। कुल 599045 लोग संक्रमण मुक्त होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। अब तक 8820 मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में एक्टिव 11918 मरीजों में से 6722 होम आइसोलेशन में हैं। जबकि 287 मरीज निजी चिकित्सालयों में अपना इलाज करा रहे हैं। 510 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है।
लखनऊ में हालात बेकाबू
यूपी की राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। प्रदेश में बृहस्पतिवार को मिले 2600 मरीजों में से सबसे अधिक 935 मरीज राजधानी लखनऊ में मिले हैं। जबकि प्रयागराज में 242, वाराणसी में 198, कानपुर नगर में 103, गौतम बुद्ध नगर में 93, मेरठ में 68, बाराबंकी में 63, गोरखपुर में 61, रायबरेली में 56, झांसी में 45 मरीज मिले हैं।
प्रदेश में जुलाई 2020 जैसे हालात
यूपी में कोरोना संक्रमण वर्ष 2020 जैसी स्थितियों में पहुंच रहा है। बृहस्पतिवार को एक दिन में मिले मरीजों की संख्या और एक्टिव मरीजों की संख्या जुलाई 2020 की तरह हो गई है। प्रदेश में 11 जुलाई 2020 को 11490 एक्टिव मरीज थे। यह स्थिति अब 01 अप्रैल 2021 को हो गई है। वहीं एक दिन में 2500 से अधिक मरीज 21 जुलाई को मिले थे। इस बार 01 अप्रैल को 2600 मरीज मिले हैं।
टीके की दोनों डोज के बाद एक और डॉक्टर संक्रमित
कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज के बाद भी लोकबंधु अस्पताल के डॉ. संजीव खटनानी पॉजिटिव हो गए। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और वह होम आइसोलेशन में हैं। इससे पहले सिविल अस्पताल के डॉक्टर भी दोनों डोज के बाद संक्रमित हुए थे। डॉ. खटनानी ने तीन दिन पहले गले में खराश, नाक बहने और बुखार के बाद जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सीएमएस डॉ. अमिता यादव के मुताबिक, डॉ. खटनानी ने 22 जनवरी को को-वैक्सीन की पहली और 19 फरवरी को दूसरी डोज ली थी। इसके करीब 40 दिन बाद वह संक्रमित हुए हैं।
कोरोना मरीजों के लिए एरा में सबसे अधिक बेड
एरा मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से सबसे अधिक बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किया है। एरा को 320 बेड का लेवल-3 का कोविड अस्पताल बनाया गया है।
शासन की ओर से एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज को 100 बेड तैयार रखने का निर्देश गत दिनों दिया गया है। वर्तमान में 90 से अधिक मरीज एरा में भर्ती हैं। इसमें से अधिकतर मरीज गंभीर है, जिन्हें आईसीयू और एचडीयू में रखा गया है। एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक सिद्धार्थ चंदेल ने बताया कि इस बार नॉन कोविड मरीजों का उपचार और ओपीडी सेवा भी जारी रहेगी।
चार दिन में वेंटिलेटर से बाहर आया मरीज
एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक मरीज महज चार दिन में स्वस्थ होकर वेंटिलेटर से बाहर आ गया। क्रिटिकल केयर टीम के मुताबिक, रहीम नगर निवासी डॉ. वजाहत को संक्रमित होने के बाद 28 मार्च को भर्ती कराया गया था। वह पूरी तरह निमोनिया की जकड़न में थे। दोनों फेफड़े का एक्सरे सफेद था। वे शुगर और अस्थमा से भी पीड़ित हैं। भर्ती वाले दिन ही उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। बृहस्पतिवार को उन्हें वेंटिलेटर से बाहर करने में सफलता मिली। डॉक्टर वजाहत की हालत अब स्थिर है।