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UP: झांसी के घूसखोर सीजीएसटी अफसरों के खिलाफ अधिक संपत्ति का केस दर्ज, वैध आय से तीन गुना संपत्ति मिली

Tue, 24 Mar 2026 09:02 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मामले में सीबीआई ने कार्रवाई की है। जांच में दोनों अधीक्षकों की वैध आय से तीन गुना कीमत की संपत्तियों का खुलासा हुआ है। उप आयुक्त के खिलाफ भी जांच जारी है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झांसी में कारोबारियों से लाखों रुपये की घूस लेने वाले सेंट्रल जीएसटी के अधीक्षक अजय शर्मा और अनिल कुमार तिवारी के खिलाफ सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया है। दोनों को उप आयुक्त प्रभा भंडारी और दो कारोबारियों के साथ बीते दिसंबर में सीबीआई ने लाखों रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया था।

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सीबीआई ने घूसखोरी के इस रैकेट के खुलासे के बाद दोनों अधीक्षकों की संपत्तियों की जांच की। इसमें सामने आया कि अजय ने 1 जनवरी 2022 से 5 जनवरी 2026 के दौरान अपने और परिजनों के नाम पर कुल 4.57 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अर्जित की जबकि इस अवधि में उनकी सभी वैध स्रोतों से कुल 1.11 करोड़ रुपये ही आय हुई थी। इस तरह उन्होंने अपनी वैध आय से तीन गुना अधिक रकम संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में खर्च की। ऐसे ही अनिल ने भी अपनी वैध आय से दोगुने से ज्यादा रकम संपत्तियों को अर्जित करने में खर्च की। उन्होंने 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2025 अपनी आय के सभी वैध स्रोतों से कुल 57.95 लाख रुपये अर्जित किए, जबकि चल-अचल संपत्तियों की खरीद व भरण पोषण में करीब 2 करोड़ रुपये व्यय किए।

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उप आयुक्त पर भी होगा केस
सीबीआई घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार उप आयुक्त प्रभा भंडारी के खिलाफ भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक उनके खिलाफ भी जल्द आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज होगा।

ये है मामला: तीनों अफसरों ने झांसी में दो कारोबारियों के ठिकानों पर छापे के बाद मामला रफा-दफा करने के लिए 1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसका सुराग मिलने पर सीबीआई ने तीनों अफसरों के साथ एक कारोबारी और बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले अधिवक्ता को गिरफ्तार किया था। उनके पास से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिली थी।

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