दरअसल, कमलेश तिवारी की हत्या करने आए बदमाश जिस मिठाई के डिब्बे में पिस्टल-चाकू छिपाकर लाए थे, वह गुजरात के सूरत का है। यह डिब्बा सूरत के उद्योग नगर उधना स्थित धरती फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का था। डीजीपी ने बताया कि मौके से एक रसीद मिली, जो बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे पिस्ता घड़ी मिठाई खरीदने की है। उक्त मिठाई की कीमत 680 रुपये प्रति किलो थी लेकिन बिल सिर्फ 500 रुपये का है।
बिल का भुगतान नकद रुपये में किया गया था। सूरत से दो दिन पहले खरीदी गई मिठाई के डिब्बे में पिस्टल-कारतूस छिपाकर लाने से हत्या का कनेक्शन आईएसआईएस से जोड़ा जा रहा था। लेकिन आज डीजीपी ने पुख्ता कर दिया कि इस केस का आईएसआईएस से कोई ताल्लुक नहीं है। मिठाई का डिब्बा भी गुजरात के सूरत का ही है।
संदिग्धों को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ा
वहीं दूसरी ओर गोरखपुर से देहरादून जाने वाली ट्रेन में 5 संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उनको छोड़ दिया गया है। इसकी पुष्टि एसएसपी ने की है। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि ट्रैन में कुछ संदिग्धों के सफर करने की सूचना मिली थी। उनके फोटोग्राफ भी पुलिस को दिए गए थे। जिनका हुलिया कमलेश तिवारी हत्याकांड में सीसीटीवी में कैद आरोपियों से मिलता जुलता बताया गया।
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इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए ट्रैन को कटघर रेलवे स्टेशन के पास आउटर पर रोका गया। करीब 30 मिनट तक ट्रेन में यूपी एसटीएफ, रामपुर पुलिस और मुरादाबाद पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से तलाशी ली गयी। जिसके बाद 5 संदिग्धों को मौके से हिरासत में लिया गया।
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हिरासत में लिए संदिग्धों के आईडी प्रूफ संदेहजनक लगे। उसका वेरिफिकेशन करवाया गया। एसएसपी ने बताया कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हिरासत में लिए गए संदिग्ध लोगों को छोड़ दिया गया है। कमलेश तिवारी हत्याकांड में उनकी कोई भूमिका नहीं मिली है।