डीजीपी मुकुल गोयल ने कहा कि रोहिंग्या मामलों में सात अभियोग पंजीकृत किए, जिसमें 42 को गिरफ्तार किया गया। इनमें कई लोग तस्करी का काम भी करते थे। चाइनीज फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार चीनी समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
प्रदेश में सक्रिय 780 रोहिंग्यों की गतिविधियों पर यूपी एटीएस की नजर है। यह क्या कर रहे हैं, कहां काम करते हैं, कहां आते-जाते हैं यह सारी जानकारी एटीएस जुटा रही है। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को डीजीपी मुकुल गोयल ने किया। इसके अलावा डीजीपी ने बताया कि बीते एक साल में एटीएस ने 123 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें म्यांमार व बांग्लादेश से तस्करी कर लाए गए लोग भी शामिल हैं। अब तक 16 रोहिंग्या और 19 बांग्लादेशी गिरफ्तार किए जा चुके हैं जो मानव तस्करी के कारोबार में लिप्त थे। वहीं आईजी एटीएस जीके गोस्वामी ने बताया कि बीते कुछ दिनों में ही ऐसे 55 लोगों को वापस उनके देश भी भेजा जा चुका है।
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एक साल में एटीएस ने 12 मुकदमों में कार्रवाई
डीजीपी ने बताया कि बीते एक साल में एटीएस ने 12 मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की। खास बात यह है कि इन मामलों में जिन 123 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है उनमें से किसी को भी अब तक जमानत नहीं मिली है। एटीएस ने बीते एक साल में अवैध धर्मांतरण, चीनी गैंग द्वारा प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड के जरिए किए जा रहे आर्थिक घोटाले, लखनऊ में अलकायदा मॉड्यूल के आतंकियों की गिरफ्तारी, अवैध शस्त्र फैक्ट्री, अवैध सिम बाक्स संचालन, मादक पदार्थों की सप्लाई और जाली नोट के धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाइयां की हैं।